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ट्रैक्टर मार्च में हुई हिंसा पर संबित पात्रा बोले- जिन्हें अन्नदाता कह रहे थे, वो आज उग्रवादी साबित हुए

अभिनेता दीप सिद्धू ने प्रदर्शनकारियों के कृत्य का यह कहते हुए बचाव किया कि उन लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज नहीं हटाया. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर AP/Dinesh Joshi)
अभिनेता दीप सिद्धू ने प्रदर्शनकारियों के कृत्य का यह कहते हुए बचाव किया कि उन लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज नहीं हटाया. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर AP/Dinesh Joshi)

Farmers Tractor March: बीजेपी के प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'दुखद.' वहीं, लोजपा के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसानों के इस व्यवहार की निंदा की.

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नई दिल्ली. तीन कृषि कानूनों (Farm Laws) का विरोध कर रहे किसान संगठनों का टैक्टर परेड (Tractor Rally) मंगलवार को हिंसात्मक हो जाने के बाद भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि जिन्हें अभी तक 'अन्नदाता' समझा जा रहा था वे आज 'उग्रवादी' निकले. पात्रा ने ट्वीट कर कहा, 'जिनको हम इतने दिनों से अन्नदाता कह रहें थे, वो आज उग्रवादी साबित हुए. अन्नदाताओं को बदनाम न करो, उग्रवादियों को उग्रवादी ही बुलाओ!!' भाजपा प्रवक्ता ने इसके साथ ही एक वीडियो साझा किया जिसमें एक प्रदर्शनकारी कथित तौर पर तिरंगा झंडा फेंकते हुए देखा जा रहा है. दरअसल वह जब पोल पर चढ़ रहा होता है तो उसे भीड़ में से एक व्यक्ति तिरंगा झंडा थमाता है लेकिन वह उसे फेंक देता है और एक अन्य झंडा हाथ में ले लेता है.

पात्रा ने इस वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'दुखद.' लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसानों के इस व्यवहार की निंदा की. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिस तरीक़े से उपद्रवी तत्वों द्वारा आंदोलन की आड़ में अपराध किया गया वह किसी भी क़ीमत पर स्वीकार्य नहीं है. लोक जनशक्ति पार्टी इस प्रकार के व्यवहार की आलोचना करती है.'





लालकिले के ध्‍वज स्‍तंभ पर चढ़ गए थे किसान
उल्लेखनीय है कि लाठी-डंडे, राष्ट्रीय ध्वज एवं किसान यूनियनों के झंडे लिये हजारों किसान मंगलवार को गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टरों पर सवार हो बैरियरों को तोड़ व पुलिस से भिड़ते हुए लालकिले की घेराबंदी के लिए विभिन्न सीमा बिंदुओं से राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल हुए. लालकिले में किसान ध्वज-स्तंभ पर भी चढ़ गए. गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर देश की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया जाता है. किसानों को गणतंत्र दिवस परेड के आयोजन के बाद तय मार्ग पर ट्रैक्टर परेड़ की अनुमति दी गई थी, लेकिन इन शर्तों का उल्लघंन हुआ. कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई और लाठीचार्ज किया गया. प्रदर्शनकारियों के इन समूहों में अनेक युवा थे जो मुखर और आक्रामक थे.

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पुलिस ने कुछ जगहों पर अशांत भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. वहीं आईटीओ पर सैकड़ों किसान पुलिसकर्मियों को लाठियां लेकर दौड़ाते और खड़ी बसों को अपने ट्रैक्टरों से टक्कर मारते दिखे. एक ट्रैक्टर के पलट जाने से एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई.

अभिनेता राजकुमार राव ने कहा, 'चलो पानी बचाओ. इससे पहले कि बहुत देर हो जाए और सावधानी बरती जाए. फिल्म इस संदेश को फैलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और मैं इसका हिस्सा बनकर खुश रहूंगा.'
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