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'पटना में अपराध' पर BJP ने नीतीश पर साधा निशाना, लेकिन जब दोनों सत्ता में थे तब भी ज्यादा थी 'हत्या की दर'

'पटना में अपराध' पर BJP ने नीतीश पर साधा निशाना, लेकिन जब दोनों सत्ता में थे तब भी ज्यादा थी 'हत्या की दर'

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव. (File Photo)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव. (File Photo)

बुधवार की देर रात पटना में पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन के पास लूट की कोशिश के बाद बदमाशों ने सेना के एक जवान बबलू कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी. बुधवार को ही दिन दहाड़े शहर में 9वीं कक्षा की एक छात्रा को भी एक व्यक्ति ने गोली मार दी. यह घटना सीसीटीवी में कैद है. पीड़िता की हालत नाजुक है. पुलिस अब तक उपरोक्त दोनों ही मामलों में दोषियों को नहीं पकड़ पाई है, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें कुछ सुराग मिले हैं.

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नई दिल्लीः ‘न्याय के साथ विकास, कानून का राज’, पटना में जनता दल यूनाइटेड कार्यालय के बाहर नीतीश कुमार की पूरी लंबाई वाली तस्वीर के साथ लगे एक विशाल होर्डिंग पर यह स्लोगन लिखा हुआ है. पास ही में स्थित भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों में, राज्य के प्रमुख विपक्षी दल ने नीतीश कुमार की विश्वसनीयता पर हमला करने के लिए बिहार की राजधानी में सिलसिलेवार अपराधों को उजागर किया है.

वहीं, राष्ट्रीय जनता दल, जिसके साथ बिहार में जंगल राज का टैग जुड़ा हुआ है और जिसने एक बार फिर जदयू के साथ गठबंधन करके नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनाई है, वह केवल युवाओं से अपने नौकरी के वादे के बारे में बात करना चाहता है. उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भाजपा के हमले को दुष्प्रचार बताते हैं और कहते हैं कि ऐसा इसलिए है, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 15 अगस्त को राज्य की युवा आबादी को 10 लाख सरकारी नौकरी देने के उनके वादे का समर्थन किया था. उन्होंने कहा कि जदयू-राजद सरकार भाजपा के डायवर्जन के इन हथकंडों के झांसे में नहीं आएगी.

राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, ‘भाजपा ने शुरू में हमारे 10 लाख नौकरियों के वादे पर हम पर हमला किया. लेकिन सीएम के कहने के बाद कि नई सरकार 20 लाख रोजगार देने की कोशिश करेगी, उसने अपना स्टैंड बदल दिया है और अब कानून व्यवस्था का ढोल पीटने लगे हैं. उन्हें अगले चुनाव में करारा जवाब मिलेगा.’ आपको बता दें कि तेजस्वी यादव को पुलिस विभाग दिए जाने की शुरुआती अटकलों के बाद गृह विभाग सीएम नीतीश कुमार के पास है.

बुधवार की देर रात पटना में पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन के पास लूट की कोशिश के बाद बदमाशों ने सेना के एक जवान बबलू कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी. बुधवार को ही दिन दहाड़े शहर में 9वीं कक्षा की एक छात्रा को भी एक व्यक्ति ने गोली मार दी. यह घटना सीसीटीवी में कैद है. पीड़िता की हालत नाजुक है. पुलिस अब तक उपरोक्त दोनों ही मामलों में दोषियों को नहीं पकड़ पाई है, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें कुछ सुराग मिले हैं.

क्या कहते हैं अपराध के आंकड़े?
पटना में हत्याएं इस साल जून तक जारी रहीं जब जद (यू)-भाजपा सरकार सत्ता में थी. बिहार पुलिस के जून तक उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि इस साल अब तक 166 हत्याएं हुई हैं. औसतन हर महीने लगभग 25-30 ऐसे मामले सामने आए हैं. यह आंकड़े 2021 से ज्यादा हैं, जब पूरे वर्ष में पटना में 195 हत्याएं हुईं और वर्ष 2020 में राज्य की राजधानी में 204 हत्याएं दर्ज की गई थीं.

पूरे बिहार में, इस साल जून तक 1,533 हत्याएं हुईं, जबकि पिछले साल 2,799 और 2020 में 3,149 मामले दर्ज किए गए। इस जून तक राज्य में कुल संज्ञेय अपराध 1.62 लाख थे, जबकि 2021 में 2.82 लाख और 2020 में 2.57 लाख थे। यह दर्शाता है कि 2022 के पहले छह महीने जद (यू)-बीजेपी शासन के तहत भी कानून और व्यवस्था के मोर्चे पर अच्छे नहीं थे. बिहार पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य में संगठित अपराध अपने सबसे निचले स्तर पर है, जबकि व्यक्तिगत दुश्मनी या विवादों के कारण हत्याएं की जा रही हैं.

Tags: Bihar BJP, CM Nitish Kumar, JDU BJP Alliance

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