लोकसभा चुनावों में 'Tea-20 फॉर्मूला' अपनाएगी BJP, कार्यकर्ताओं को दिया टारगेट

बीजेपी चुनाव से पहले ‘टी-20’ फॉर्मूला आजमाने जा रही है. आप सोच रहे होंगे कि ये क्या रणनीति है तो आपको बता दें कि ये क्रिकेट वाला टी-20 नहीं है...

भाषा
Updated: September 16, 2018, 8:11 PM IST
लोकसभा चुनावों में 'Tea-20 फॉर्मूला' अपनाएगी BJP, कार्यकर्ताओं को दिया टारगेट
2019 में बीजेपी ‘टी-20’ फॉर्मूला आजमाने जा रही है
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Updated: September 16, 2018, 8:11 PM IST
अगले साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में 2014 जैसे नतीजे दोहराने के लिए बीजेपी ने एक नई रणनीति बनाई है. बीजेपी चुनाव से पहले ‘टी-20’ फॉर्मूला आजमाने जा रही है. आप सोच रहे होंगे कि ये क्या रणनीति है तो आपको बता दें, ये क्रिकेट वाला टी-20 नहीं है, इसका मतलब है कि हर कार्यकर्ता 20 घरों में जाकर चाय पिएगा और मोदी सरकार की उपलब्धियों की जानकारी उन घरों के सदस्यों को देगा.

टी-20 के अलावा बीजेपी ने "हर बूथ दस यूथ", नमो ऐप सम्पर्क पहल और बूथ टोलियों के जरिये मोदी सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचने का कार्यक्रम तैयार किया है. बीजेपी ने अपने सांसदों, विधायकों, स्थानीय और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से अपने अपने क्षेत्रों में जनता को सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने को कहा है.

क्या है ये टी-20 फॉर्मूला
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, 'पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे अपने क्षेत्र के प्रत्‍येक गांव में जाएं और कम से कम 20 घरों में जाकर चाय पिएं.' इस ‘टी-20’ पहल का मतलब जनता से सीधे संवाद स्थापित करना है.

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गौरतलब है, 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने आक्रामक प्रचार शैली अपनाई थी. इसमें खास तौर पर सूचना तकनीक माध्यम का उपयोग किया गया था. इसका खास आकर्षण 3-डी रैलियों का आयोजन था.

इन 3-डी रैलियों में एक ही समय में कई स्थानों पर बैठे लोगों के साथ एक साथ जुड़ने की पहल की गई थी. सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जोड़ने और चाय पे चर्चा की पहल भी की गई थी.

लोगों से जुड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाएगी बीजेपी
अगले लोकसभा चुनाव के लिये बीजेपी अपने उस अभियान को और व्यापक स्तर पर ले जाना चाहती है. बीजेपी ने बूथ स्तर के लिए एक विस्तृत रणनीति बनाई है, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे नरेन्द्र मोदी ऐप से अधिकाधिक लोगों को जोड़ें.

पार्टी सूत्रों ने बताया कि अगले सप्ताह नरेन्द्र मोदी ऐप का नया प्रारूप आने वाला है जिसमें पहली बार कार्यकर्ताओं के कार्यों के संबंध में भी एक ऑप्शन होगा. उन्होंने बताया कि कार्यकर्ता क्या करने वाले हैं, उसका एक ऑप्शन ऐप में होगा. इसमें बताया जाएगा कि लोगों को कैसे जोड़ना है. ऐप में कुछ साहित्य, छोटे छोटे वीडियो और ग्राफिक्स के रूप में सूचनाएं भी होंगी.

नरेंद्र मोदी ऐप को और लोकप्रिय बनाएगी पार्टी
पार्टी ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर 100 लोगों को नरेन्द्र मोदी ऐप से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है. हर बूथ पर पार्टी के सभी मोर्चों के प्रमुख कार्यकर्ताओं की टोली बनाई जा रही है जो मोदी सरकार एवं राज्य सरकार (जहां बीजेपी की सरकारें हैं) की योजनाओं से होने वाले सीधे लाभ की जानकारी देगी.

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पार्टी के वरिष्ठ नेता ने बताया, "कोशिश करना है कि हर बूथ पर 20 नए सदस्य जोड़े जाएं. हमें हर वर्ग से, हर समाज के सदस्यों को पार्टी से जोड़ना है." पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मंथन के बाद कार्यकर्ताओं से 'घर-घर दस्तक' अभियान पर तेजी से अमल करने को कहा गया है.

हर बूथ पर बनेगी कार्यकर्ताओं की टोली
हर बूथ पर लगभग दो दर्जन कार्यकर्ताओं की टोली बनाई जा रही है. यह टोली हर रोज सुबह-शाम और छुट्टी वाले दिनों में घर-घर जाकर परिवारों से मिलेगी. इसके साथ ही टोली दुकानदारों एवं अन्य छोटे-मोटे काम करने वालों से भी संपर्क करेगी.

बीजेपी का यह संपर्क अभियान कई दौर में चलेगा और लोगों को बताएगा कि विपक्ष के आरोप एवं सरकार के काम की हकीकत क्या है? देश पांच सालों में कहां पहुंच गया है और अगले पांच साल में क्या होगा? बीजेपी कार्यकर्ता तथ्यों, आंकड़ों एवं तर्कों से लोगों को समझाएंगे कि मोदी सरकार को बरकरार रखना कितना जरूरी है.

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