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कृषि कानूनः कांग्रेस का आरोप, किसानों को बांटने की कोशिश कर रही बीजेपी

लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बीजेपी के अपने 'राष्ट्रीय नायक' नहीं हैं. ANI
लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बीजेपी के अपने 'राष्ट्रीय नायक' नहीं हैं. ANI

Farmers Protest: अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को नरेंद्र सिंह तोमर एक राज्य का आंदोलन बताते हैं, लेकिन ये जन-आंदोलन हैं और स्वतः स्फूर्त है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 9, 2021, 3:05 PM IST
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नई दिल्ली. लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सोमवार को बीजेपी पर किसानों को बांटने का आरोप लगाया. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए चौधरी ने कहा कि बीजेपी की कोशिश तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को बांटने की है. आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर और लता मंगेशकर जैसी मशहूर हस्तियों को भ्रमित किया जा रहा है. चौधरी ने पूछा, "क्या हमारा देश इतना कमजोर हैं एक 18 वर्षीय लड़की (ग्रेटा थनबर्ग) को किसानों के पक्ष में बोलने पर दुश्मन की तरह देखा जा रहा है." बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बीजेपी के पास अपने 'राष्ट्रीय ऑइकन' नहीं हैं और इसलिए बंगाल विधानसभा चुनाव में वोट की खातिर पार्टी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम की माला जप रही है.

उन्होंने कहा कि बीजेपी, देश को आत्मनिर्भर बनाने में पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के योगदान के बारे में बात नहीं करती है और इससे जाहिर होता है कि उसकी मानसिकता कितनी संकीर्ण है. बंगाल में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर मची सियासी गहमागहमी पर बोलते हुए चौधरी ने कहा, "बीजेपी के पास अपने 'राष्ट्रीय नायक' नहीं हैं. हालांकि किसी और के विचारों को अपनाने से कोई नुकसान नहीं है, लेकिन उसे आपको आत्मसात करना चाहिए. अपनाना चाहिए. आपको नेताजी की जरूरत महसूस हुई, क्योंकि आप बंगाल विधानसभा चुनावों में फायदा लेना चाहते हैं."





कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "आपने नेताजी के नाम रखे गए बंदरगाह का नाम बदला. आपने नेताजी के विचार पर गठित योजना आयोग को खत्म कर दिया. आपको सिर्फ चुनावों में फायदा चाहिए."  गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ओर से आयोजित ट्रैक्टर रैली के दौरान लालकिले में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उपद्रवी लालकिले के भीतर दाखिल कैसे हुए. ये सबसे बड़ा सवाल है. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में मिलीभगत और साजिश है. सरकार को इसकी जांच के लिए जेपीसी गठित करनी चाहिए और सीसीटीवी फुटेज दिखाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को हिंसा के बाद किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं. कंटीले तार, कंक्रीट की दीवारें खड़ी की जा रही हैं, ताकि किसानों के धरनास्थल को बाकी दुनिया से अलग कर दिया जाए. परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं, जैसे कि धरनास्थल कोई कन्फ्लिक्ट जोन हों.

केंद्रीय कृषि मंत्री पर निशाना साधते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को नरेंद्र सिंह तोमर एक राज्य का आंदोलन बताते हैं, लेकिन ये जन-आंदोलन हैं और स्वतः स्फूर्त है.
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