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bjp trying to give a dent to telangana govt by turmeric demands it should be part of agriculture

तेलंगाना में हल्दी की गांठों से टीआरएस सरकार के बंध ढीले करने की जुगत में भाजपा, पढ़िए क्या है तैयारी?

तेलंगाना के किसान लंबे समय से अलग ‘हल्दी बोर्ड’ बनाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन अब भाजपा हल्दी को कृषि मंत्रालय के तहत लाने की पहल कर के उन्हें संदेश देना चाहती है कि वह उनकी बड़ी हितैषी है. इस कदम से उन्हें अधिक लाभ होगा.

तेलंगाना के किसान लंबे समय से अलग ‘हल्दी बोर्ड’ बनाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन अब भाजपा हल्दी को कृषि मंत्रालय के तहत लाने की पहल कर के उन्हें संदेश देना चाहती है कि वह उनकी बड़ी हितैषी है. इस कदम से उन्हें अधिक लाभ होगा.

Turmeric issue of Telangana, BJP vs TRS: तेलंगाना में हल्दी-किसानों का मुद्दा कितना संवेदनशील है इसका अंदाजा 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections-2019) के उदाहरण से लगाया जा सकता है. उस वक्त निजामाबाद लोकसभा सीट से टीआरएस ने मुख्यमंत्री केसीआर की बेटी कविता कल्वकुंतला को टिकट दिया था. लेकिन उनके खिलाफ इलाके के तमाम हल्दी-किसान लामबंद हो गए.

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हैदराबाद/नई दिल्ली. तेलंगाना में विधानसभा चुनाव (Telangana Assembly Elections) नजदीक आ रहे हैं. करीब सवा साल का वक्त बचा है. लिहाजा, सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के साथ ही हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहने वाली विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी तैयारी तेज कर दी है. भाजपा की तैयारियों में इस बार हल्दी की गांठें भी शामिल हैं, जिनसे वह मौजूदा टीआरएस सरकार के बंध ढीले करना चाहती है. खबरें बताती हैं कि निजामाबाद से भाजपा के लोकसभा सदस्य अरविंद धरमपुरी (BJP LS MP Arvind Dharampuri) ने हाल ही में केंद्र सरकार को एक पत्र लिखा है. इसमें मांग की है कि हल्दी को वाणिज्य मंत्रालय (Commerce Ministry) के दायरे से हटाकर कृषि मंत्रालय (Agriculture Ministry) के तहत लाया जाए. ताकि हल्दी उगाने वाले किसानों को कृषि से जुड़ीं और अन्य किसान-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके.

सूत्रों की मानें तो इस पत्र में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीषूष गोयल के एक प्रस्ताव का उन्होंने हवाला भी दिया है. उस प्रस्ताव में कॉफी बोर्ड को कृषि मंत्रालय के तहत ले जाए जाने की पेशकश की गई है. धरमपुरी के मुताबिक, इसी तरह हल्दी को भी कृषि मंत्रालय के अधीन लाया जाना चाहिए. वर्तमान में हल्दी-उत्पादक ‘स्पाइस बोर्ड ऑफ इंडिया’ (Spice Board Of India) के तहत आते हैं. यह वाणिज्य मंत्रालय का अधीनस्थ निकाय है.

TRS की धान का जवाब भाजपा की हल्दी
धरमपुरी के इस पत्र को भाजपा की ओर से टीआएस के धान-खरीद (Paddy Procurement) से जुड़े दांव का जवाब माना जा रहा है. दरअसल, इस बार धान की फसल में मौसम की मार की वजह से भूसी आदि अधिक है. इसलिए केंद्र ने उसकी खरीद में कुछ कोताही की है, जबकि तेलंगाना के मुख्यमंत्री (Telangana CM) के चंद्रशेखर राव (KCR) की मांग थी कि उनके राज्य का पूरा धान केंद्र सरकार खरीदे. उन्होंने इस मांग को मनवाने के लिए करीब 1,500 लोगों के साथ दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ धरना भी दिया. लेकिन केंद्र सरकार दबाव में नहीं आई तो केसीआर ने हैदराबाद लौटकर ऐलान किया कि उनकी सरकार अपने राज्य के किसानों से धान का एक-एक दाना खरीदेगी. उन्हें इसके एवज में 1,960 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाएगा. इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. साथ ही, इस मसले को केसीआर भाजपा के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. लिहाजा, अब जैसा कि सूत्र बताते हैं, भाजपा ने हल्दी-किसानों (Turmeric Farmers) के मसले से केसीआर के धान-मुद्दे का तोड़ निकालने की कोशिश की है. 

केसीआर की बेटी को हार का स्वाद चखा चुकी है हल्दी

Tags: BJP, CM KCR, Farmers, Hindi news, Politics, Telangana, TRS

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