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BJP चाहती है कि जम्मू-कश्मीर में नेता हिरासत से बाहर आएं, राजनीतिक गतिविधि बहाल करें: राम माधव

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Updated: December 16, 2019, 12:07 AM IST
BJP चाहती है कि जम्मू-कश्मीर में नेता हिरासत से बाहर आएं, राजनीतिक गतिविधि बहाल करें: राम माधव
राम माधव ने कहा कि भाजपा का जनसांख्यिकी (डेमोग्राफिक) बदलाव लाने का कोई इरादा नहीं है (फाइल फोटो, PTI)

राम माधव (Ram Madhav) ने यह भी कहा कि सरकार (Government) को विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) अपने विशेष दर्जे (Special Status) को खत्म किये जाने के बाद विकास तथा भारत के साथ पूर्ण विलय की ओर बढ़ेगा.

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  • Last Updated: December 16, 2019, 12:07 AM IST
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चंडीगढ़. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महासचिव (General Secretary) राम माधव (Ram Madhav) ने रविवार को कहा कि पार्टी चाहती है कि जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में हिरासत में लिये गये नेता बाहर आयें और अपनी राजनीतिक गतिविधि (Political Activity) बहाल करें.

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार (Government) को विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) अपने विशेष दर्जे (Special Status) को खत्म किये जाने के बाद विकास तथा भारत के साथ पूर्ण विलय की ओर बढ़ेगा.

5 अगस्त को हिरासत में लिए गए थे 2500 लोग, करीब 100 अब भी हिरासत में
नेशनल कांफ्रेंस (National Conference) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी (PDP) की नेता महबूबा मुफ्ती समेत कई विपक्षी नेता पांच अगस्त से हिरासत में हैं. उसी दिन संसद में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किया गया था.



माधव ने यहां सैन्य साहित्य उत्सव के समापन के दिवस पर हिरासत में लिये गये नेताओं के बारे में कहा, ‘‘ हम शीघ्र ही उन्हें बाहर आने देना चाहते हैं. जब अनुच्छेद 370 (Article 370) निरस्त किया गया तब करीब 2500 लोग एहतियाती हिरासत में लिये गये, आज करीब 100 लोग हिरासत में हैं.’’

जल्द ही बाहर होंगे बाकी 100 लोग, बहाल होगी राजनीतिक गतिविधि: राम माधव
माधव ने कहा, 'हम राज्य में राजनीतिक गतिविधि बहाल होते हुए देखना चाहते हैं. बाकी 100 लोग शीघ्र ही बाहर होंगे और अपनी राजनीतिक गतिविधि बहाल करेंगे.' उन्होंने ‘अनुच्छेद 370 और आतंकवाद (Terrorism) के खात्मे का संकेत’ विषय पर अपने भाषण में रॉ के पूर्व प्रमुख ए एस दुलत के सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही.

कश्मीरियत के बारे में एक सवाल के जवाब में माधव ने कहा, 'हम कश्मीरियत की कई परिभाषाएं सुन रहे हैं, असली परिभाषा तब होगी जब हम कश्मीर पंडितों को कश्मीर घाटी (Kashmir Valley) में अपने घरों में लौटते हुए देखेंगे, ऐसा होना चाहिए.'

'बीजेपी की जनसांख्यिकी बदलाव लाने की कोई योजना नहीं'
राम माधव ने कहा कि भाजपा का जनसांख्यिकी (Demography) बदलाव लाने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘जनसांख्यिकीय बदलाव करने की हमारी कोई योजना नहीं है. इतिहास के दौर में जो कुछ हुआ, मैं उसके बारे में कुछ नहीं बोल सकता, पंडितों और कश्मीरी समाज के अन्य अधिकारविहीन लोगों को फिर अधिकारसंपन्न बनाने की जरूरत है.’’

इस मौके पर कांग्रेस सांसद (Congress MP) और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने भी अपना विचार रखा.

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First published: December 15, 2019, 9:24 PM IST
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