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    अंखी दास को बीजेपी देगी टिकट? TMC सांसद मोइत्रा बोलीं- पॉलिटिक्स में कुछ भी असंभव नहीं

    मार्क जुकरबर्ग के साथ अंखी दास
    मार्क जुकरबर्ग के साथ अंखी दास

    भारत में फेसबुक की सार्वजनिक नीति मामलों की प्रमुख अंखी दास (Ankhi Das) ने पद से इस्तीफा दे दिया है. वह सोशल मीडिया मंच पर नफरत फैलाने वाली टिप्पणियों को लेकर पाबंदी लगाने के मामले में कथित पक्षपात करने को लेकर चर्चा में थीं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 28, 2020, 8:30 AM IST
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    नई दिल्ली. सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक (Facebook) की सार्वजनिक नीति मामलों की प्रमुख अंखी दास (Ankhi Das) ने पद से इस्तीफा दे दिया. वह सोशल मीडिया मंच पर नफरत फैलाने वाली टिप्पणियों पर रोक लगाने के मामले में कथित तौर पर पक्षपात बरतने को लेकर विवादों में थीं.

    फेसबुक के भारत में प्रबंध निदेशक अजीत मोहन ने ई-मेल के जरिये बयान में कहा, 'अंखी दास ने फेसबुक में अपने पद से हटने का निर्णय किया है. उन्होंने जन सेवा में अपनी रुचि के अनुसार काम करने के लिये यह कदम उठाया है. अंखी हमारे उन पुराने कर्मचारियों में शामिल हैं, जिन्होंने भारत में कंपनी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभायी. वह पिछले नौ साल से अधिक समय से अपनी सेवा दे रही थी.'

    अंखी दास पर क्या थे आरोप?
    दास पर ये आरोप लगे थे कि उन्होंने भाजपा और अन्य दक्षिण पंथी संगठनों के नफरत फैलाने वाले बयानों पर रोक लगाने से जुड़े नियमों को लागू करने का कथित रूप से विरोध किया था. उन पर ये भी आरोप लगे थे कि उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों के फेसबुक ग्रुप पर कई साल तक भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में संदेश पोस्ट किये. उन्होंने मामला प्रकाश में आने के करीब ढाई महीने बाद पद से इस्तीफा दिया है.
    उनके इस्तीफे के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले साल 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले वह भाजपा में शामिल हो सकती हैं. कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दल दास के इस्तीफा देने के बाद से ही यह आरोप लग रहे हैं कि वह बीजेपी में शामिल हो सकती हैं. इतना ही दावा किया जा रहा है कि बीजेपी उन्हें बंगाल में अपना चेहरा बना देगी.



    महुआ मोइत्रा और गौरव पांधी के 'तंज'
    कयासों और आरोपों के बीच तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने कंपनी के उस बयान के मद्देनजर टिप्पणी की जिसमें कहा गया है कि दास ने जनसेवा के लिए इस्तीफा दिया है. मोइत्रा ने दास के इस्तीफे की खबर का जिक्र करते हुए ट्वीट किया- 'जनसेवा में दिलचस्पी लेने का मतलब क्या साल 2021 के बंगाल चुनाव में बीजेपी का टिकट पाने से है? पॉलिटिक्स में कुछ भी असंभव नहीं है.'
    दूसरी ओर से कांग्रेस के गौरव पांधी ने तंजिया लहजे में कहा कि दास को बीजेपी अगले चुनाव में अपना चेहरा बना सकती है. गौरव ने ट्वीट किया- 'बेनकाब होने के बाद बीजेपी स्तब्ध और रविशंकर प्रसाद की बॉस अंखी दास ने फेसबुक छोड़ दिया है. बीजेपी अब उन्हें पश्चिम बंगाल में अपना सीएम उम्मीदवार घोषित कर सकती है.'दास साल 2011 में फेसबुक से जुड़ीबता दें चालीस से अधिक मानवाधिकार संगठनों और इंटरनेट पर नजर रखने वाले संगठनों ने फेसबुक से दास को तब तक छुट्टी पर भेजने को कहा था, जब तक कंपनी अपने भारतीय परिचालन के ऑडिट का काम पूरा नहीं कर लेती. दास 2011 में फेसबुक से जुड़ी थी.फेसबुक के अधिकारी ने दास के इस्तीफे पर कहा कि, 'वह पिछले दो साल से मेरी टीम का हिस्सा थी. उन्हें जो भूमिका दी गयी थी, उन्होंने शानदार योगदान दिया. हम उनकी सेवा के आभारी हैं और उन्हें भविष्य के लिये शुभकामनाएं देते हैं.' दास ने कहा कि उन्होंने फेसबुक से इस्तीफा देने का निर्णय किया है ताकि जन सेवा में अपनी व्यक्तिगत रूचि के अनुसार काम कर सके.


    दास को लेकर विवाद कब शुरू हुआ?
    फेसबुक ने उनके इस्तीफे को विवादस्पद मामले से नहीं जोड़ा है. लेकिन कहा है कि कंपनी में मंगलवार उनका आखिरी दिन था. दास को लेकर विवाद 15 अगस्त को वाल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ. रिपोर्ट में उन पर आरोप लगाया गया कि अंखी दास ने भाजपा अैर अन्य हिंदू संगठनों से जुड़े नेताओं के नफरत फैलाने वाली टिप्पणियों के खिलाफ कार्रवाई को बाधित किया.

    रिपोर्ट के अनुसार भाजपा के 2014 में लोकसभा चुनाव जीतने के एक दिन पहले दास ने लिखा था, 'हमने उनके सोशल मीडिया अभियान की हवा निकाल दी और बाकी निश्चित रूप से इतिहास है.' उन्होंने यह भी लिखा कि नरेंद्र मोदी मजबूत नेता हैं, जिन्होंने पूर्व सत्तारूढ़ दल के किले को ध्वस्त कर दिया.



    वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अंखी दास ने 2012 के विधानसभा चुनावों के लिये भाजपा को सोशल मीडिया अभियान के लिये प्रशिक्षित किया. प्रशिक्षण के बाद उन्होंने लिखा, 'हमारे गुजरात अभियान में सफलता.' (भाषा इनपुट के साथ)
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