कृषि कानूनों का प्रचार करने के लिए भाजपा लेगी 'रागिनी' गीतों का सहारा

गीतों में यह बताया जाएगा कि विपक्षी पार्टियां किसानों को इस पर भ्रम में डाल रही हैं.
गीतों में यह बताया जाएगा कि विपक्षी पार्टियां किसानों को इस पर भ्रम में डाल रही हैं.

Farm Laws: पार्टी के सांसद और विधायक भी नए कृषि कानून के संबंध में लोगों का समर्थन जुटाने के लिए दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में घर-घर जाकर प्रचार, ट्रैक्टर पूजा, रैलियों और बैठकों में हिस्सा लेंगे.

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों (Rural Areas) में नए कृषि कानून (New Farm Laws) के समर्थन में प्रचार करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janta Party) की दिल्ली इकाई ‘रागिनी’ गीतों का सहारा लेगी और इसके लिए गायकों से संपर्क किया गया है. इन गीतों में यह संदेश दिया जाएगा कि इस कानून से किसानों को लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र (Agricuture Sector) में सुधार होगा. पार्टी के नेताओं ने बताया कि आने वाले सप्ताह में दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में ‘रागिनी’ कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे और इन कार्यक्रमों में गायक गीतों के माध्यम से लोगों को यह बताएंगे कि विपक्ष कैसे इन तीन कानूनों को लेकर ‘भ्रम फैला’ रहा है.

दिल्ली इकाई के भाजपा उपाध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि नजफगढ़ (Najafgarh), मेहरौली (Mehrauli), उत्तर पश्चिम और बाहरी दिल्ली (North West & Outer Delhi) में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों के लिए ‘रागिनी’ गायकों को तय कर लिया गया है. दिल्ली में भाजपा के प्रचार के तौर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों (Cultural Prorgrammes) का संयोजन करने वाले यादव ने बताया कि इन ‘विशेष रागिनी गीतों’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) नीत सरकार के कृषि विधयेकों (Farm Laws) के फायदों के बारे में लोगों को बताया जाएगा. ये विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुके हैं और अब ये कानून का रूप ले चुके हैं.





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गीतों में यह बताया जाएगा कि विपक्षी पार्टियां किसानों को इस पर भ्रम में डाल रही हैं.

विधेयकों पर समर्थन जुटाने के लिए बीजेपी करेगी ये काम
पार्टी के सांसद और विधायक भी नए कृषि कानून के संबंध में लोगों का समर्थन जुटाने के लिए दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में घर-घर जाकर प्रचार, ट्रैक्टर पूजा, रैलियों और बैठकों में हिस्सा लेंगे. पंजाब और हरियाणा में किसान इन कृषि विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

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यादव ने कहा कि दिल्ली के बाहरी इलाकों में रागिनी काफी लोकप्रिय हैं और इसके जरिए नए कृषि कानूनों के खिलाफ विपक्ष के ‘झूठे प्रचार’ से लड़ने में मदद मिलेगी.

उन्होंने बताया कि रागिनी के लिए प्रीति चौधरी और कनौज बैसला से संपर्क किया गया है. शहर के विभिन्न हिस्सों में इस तरह के 15 सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आयोजित करने की योजना है.
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