ANALYSIS : जारी है बीजेपी का सीमा विस्तार

आने वाले समय में एनडीए की संख्या 110 तो हो जाएगी लेकिन बहुत का गणित तब 123 पहुंच जाएगा यानि बहुमत के लिए एनडीए को 2020 तक इंतजार करना ही पड़ेगा.

Anil Rai | News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 3:15 PM IST
ANALYSIS : जारी है बीजेपी का सीमा विस्तार
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Anil Rai
Anil Rai | News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 3:15 PM IST
भारतीय जनता पार्टी ने तेलुगु देशम पार्टी के चार सांसदों को बीजेपी शामिल करा कर इस बात के संकते दे दिया है कि बीजेपी का पश्चिम में विस्तार का अभियान जारी है. हालांकि आंध्र प्रदेश में अब लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनाव 5 साल बाद ही होने है क्योंकि दोनों सरकांरें बहुमत की है और प्रधानमंत्री भी एक देश एक चुनाव की वकालत कर रहे हैं लेकिन बीजेपी के इस दाव ने विरोधियों को ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर बीजेपी से मुकाबला किया जाए तो कैसे क्योंकि लोकसभा चुनाव के बाद विरोधी दलों को नेता जहां छट्टियां मनाने में लगे हैं वही बीजेपी का पार्टी विस्तार अभियान जारी है.

बीजेपी को कितना फायदा मिलेगा

आंध्र प्रदेश की राजनीति में फिलहाल भले ही इस पाला बदल का असर न पड़े लेकिन देश की राजनीति में इसका असर आने वाले समय में बहुत तेजी से दिखेगा. लोकसभा चुनाव से पहले चन्द्र बाबू नायडू, ममता बनर्जी और कांग्रेस को छोड़ कर विपक्ष के सबड़े बड़े नेता बनने को दंभ भर रहे थे.

वहीं चुनाव बाद दोनों के सामने अपना घर बचाने की चुनौती सामने आ गई है ऐसे में आने वाले समय में अब विपक्ष का एक होना मुश्किल हो जाएगा क्योंकि कांग्रेस भी फिलहाल नेतृत्व के संकट से गुजर रही है , साथ ही आंध्र प्रदेश से दक्षिण के दूसरे राज्य कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस के रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं.

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आखिर क्या है बीजेपी का एक्शन प्लान

बीजेपी की इस रणनीति को समझने के लिए नार्थ-ईस्ट में बीजेपी के सीमा विस्तार के अभियान को समझने पड़ेगा 2014 में सत्ता में आई बीजेपी ने धीरे-धीरे विरोधी दलों के कई दिग्गज नेताओं को एक-एक कर बीजेपी में शामिल किया और जैसे -जैसे विधान सभा चुनाव आते गए उन राज्यों में बीजेपी की सत्ता आती गई, पश्चिम बंगाल में भी ममता का किला तोड़ने के लिए बीजेपी ने इस हथियार का इस्तेमाल किया.
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कितना बदलेगा राज्यसभा का गणित

राज्यसभा की कुल 245 सीटों में फिलहाल 9 खाली है यानी 236 सीटों में बहुमत का आकड़ा 119 का है, बात करे एनडीए की तो बीजेपी की संख्या इन 4 सांसदों के आने का बाद 75 हो गई है, एआईडीएम के 13 , जेडीयू के 6 , अकाली दल के 3, शिव सेना के 3, आरपीआई के 1, मोननीत 3 सदस्य और निर्दलीय अमर सिंह भी बीजेपी का समर्थन करके है यानि एनडीए की कुल संख्या 105 हो ई लेकिन वो बहुत से अभी भी 11 दूर है .ऐसे में जब कई मुद्दों पर जेडीयू विरोध कर रही है तो सरकार की राज्य सभा की राह फिलहाल मुश्किल नजर आती है.

9 खाली सीटों पर चुनाव के बाद कितनी बदलेगी राज्यसभा

राज्यसभा की जो 9 सीटें खाली है उनमें बिहार की 2, गुजरात की 2, ओडिशा की 4 और तमिलनाडु की 1 सीट है , बिहार में जहां 1 खाली सीट पर लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री राम बिलास पासवान का चुना जाना तय है.

वहीं शरद यादव की सदस्यता खत्म होने से खाली हुई सीट पर कानूनी कारणों से फिलहाल चुनाव नहीं हो रहा है, लेकिन आने वाल समय में जब भी चुनाव होगा विधानसभा सीटों के गणित के हिसाब से ये सीट एनडीए के खाते में ही जाएगी. गुजरात की 2 सीटों पर भी बीजेपी का दावा मजबूत है.

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ओडिशा विधानसभा का गणित फिलहाल बीजेपी को यहां से राज्यसभा में खाता खोलने की इजाजत नहीं दे रहा है. तमिलनाडु की एक सीट एनडीए के खाते में जाएगी, यानि आने वाले समय में एनडीए की संख्या 110 तो हो जाएगी लेकिन बहुत का गणित तब 123 पहुंच जाएगा यानि बहुमत के लिए एनडीए को 2020 तक इंतजार करना ही पड़ेगा.

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First published: June 21, 2019, 12:09 PM IST
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