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UP में किसानों को लुभाने के लिए बीजेपी का 'किताबी फॉर्मूला', ग्रामीणों को देगी करोड़ों का हिसाब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी सांसदों के साथ बैठक की है. (फाइल फोटो: Shutterstock)

UP Election: बैठकों के दौरान सभी बीजेपी सांसदों को एक पुस्तिका दी गई है. इसमें किसानों पर एक विस्तृत खंड में लिखा गया है कि 2017 से यूपी के 78 लाख से ज्यादा किसानों को MSP पर उत्पाद खरीदने के चलते 78 हजार करोड़ रुपये मिले हैं. पिछली सरकारों की तुलना में यह आंकड़ा काफी ज्यादा है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) में कुछ महीने ही बाकी हैं. ऐसे में सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) किसानों का समर्थन सुनिश्चित करने के लिए उन तक बड़े स्तर पर पहुंचने की योजना बना रही है. पार्टी का प्रचार अभियान भी खासतौर से किसानों पर केंद्रित होगा. इसमें विपक्षी ताकतों के हाथों ‘गुमराह’ होने से किसानों को बचाने के लिए लुभाना और यह बताना शामिल होगा कि बीजेपी ने ही उनके लिए सबसे ज्यादा काम किया है.

इधर, दिल्ली की सरहदों पर जारी किसान आंदोलन को लेकर पश्चिम यूपी में फैले प्रभाव के बीच समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन अपने लिए संभावनाएं तलाश रहा है. गुरुवार को विरोध कर रहे किसानों से जुड़ा एक फोटो बीजेपी की यूपी इकाई की तरफ से पोस्ट किया गया था, जिसकी सपा और रालोद ने जमकर आलोचना की.

बीते दो दिनों में दिल्ली में बीजेपी सांसदों की बैठक में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि विपक्ष के ‘प्रोपेगैंडा’ का मुकाबला तथ्यों से किया जाना चाहिए. वहीं, उन्होंने दिल्ली यात्रा से समय निकालकर रालोद के गढ़ कहे जाने वाले बागपत का भी दौरा किया. बैठकों के दौरान सभी बीजेपी सांसदों को एक पुस्तिका दी गई है. इसमें किसानों पर एक विस्तृत खंड है, जिसमें लिखा गया है कि 2017 से यूपी के 78 लाख से ज्यादा किसानों को न्यूनतम समर्थन पर उत्पाद खरीदने के चलते 78 हजार करोड़ रुपये मिले हैं. पिछली सरकारों की तुलना में यह आंकड़ा काफी ज्यादा है.

ये पुस्तिकाएं ग्रामीण इलाकों में बड़े स्तर पर वितरित की जानी हैं. सरकार किसानों को यह भी बता रही है कि गन्ने की खेती करने वाले 45 लाख किसानों के बीते साढ़े चार से बकाया 1.4 लाख करोड़ रुपये मिले हैं. यह भी इससे पहले की सरकारों की तुलना में ज्यादा है. हालांकि, बीजेपी के कुछ सांसदों ने पार्टी नेतृत्व को गन्ना खरीद की कीमतें बढ़ाने का सुझाव दिया है.

यह भी पढ़ें: यूपी के बीजेपी सांसदों संग जेपी नड्डा की बैठक, सीएम योगी आदित्यनाथ भी रहे मौजूद

बीजेपी इस बात पर भी जोर दे रही है कि यूपी में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत करीब 2.5 करोड़ किसानों के पास 32 हजार 500 करोड़ रुपये आए हैं. जबकि, प्राकृतिक आपदाओं के चलते नुकसान उठाने वाले 25 लाख से ज्यादा किसानों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2 हजार 208 करोड़ रुपये दिए गए हैं. बीजेपी का कहना है कि पार्टी ने कृषि कर्ज माफी का वादा भी पूरा किया है. जिसके तहत 36 हजार करोड़ रुपये के कर्ज को माफ किया गया और 86 लाख किसानों को फायदा हुआ. पुस्तिका में यह भी बताया गया है कि 2017 के बाद से यूपी में सिंचाई क्षेत्र 3.77 लाख हेक्टेयर बढ़ा है. इससे किसानों की उपज भी बढ़ी है.

वहीं, विपक्ष किसान आंदोलन के सहारे राज्य में योगी सरकार के खिलाफ लहर बनाने पर भरोसा कर रहा है. अखिलेश यादव और सतीश चंद्र मिश्रा समेत सपा और बहुजन समाज पार्टी के सांसद किसानों हित के लिए संसद में बात कर रहे हैं. दोनों पार्टियां ‘गांरटीड एमएसपी’ के मुद्दे पर विपक्ष के साथ आ गई हैं. क्योंकि यूपी में ज्यादातर फसलों की खरीदी एमएसपी पर नहीं की जाती.

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