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BJP के कुशल रणनीतिकार नरेंद्र सिंह तोमर बने टीम मोदी का हिस्सा

News18Hindi
Updated: May 30, 2019, 8:21 PM IST

नरेंद्र सिंह तोमर ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भारतीय जनता युवा मोर्चा से की और फर्श से अर्श तक का सफर तय किया.

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2019 के लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के बाद केंद्र में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में एनडीए की सरकार बन रही है. मोदी कैबिनेट में जिन मंत्रियों को शामिल किया गया है, उनमें एक नाम नरेंद्र सिंह तोमर का भी है. मोदी सरकार की कैबिनेट का हिस्सा बने नरेंद्र सिंह तोमर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ हैं. मध्य प्रदेश के चंबल क्षेत्र से आने वाले नरेंद्र सिंह तोमर मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल और स्वच्छता मंत्री रहे हैं. मोदी ने एक बार फिर इन पर भरोसा किया है. नरेंद्र सिंह तोमर को एक कुशल रणनीतिकार, प्रशासक और संगठनात्मक गुणों वाला नेता माना जाता है.

नरेंद्र सिंह तोमर की राजनीतिक करियर की शुरुआत

फाइल फोटो
नरेंद्र सिंह तोमर (फाइल फोटो)


नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भारतीय जनता युवा मोर्चा से की थी. 1991 में नरेंद्र सिंह को भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. ग्वालियर जिले के एक किसान परिवार से आने वाले नरेंद्र सिंह 1998 और 2003 में विधान सभा के लिए निर्वाचित हुए. केंद्र की राजनीति में आने से पहले नरेंद्र सिंह तोमर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं. प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने पार्टी को कई बार जीत दिलाने में महती भूमिका अदा की थी.

2014 में सिंधिया के प्रभाव वाले सीट पर लहराया था जीत का परचम 
2003 से 2007 तक नरेंद्र सिंह मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री रहे. जबकि जनवरी 2007 से मार्च 2009 तक वह राज्यसभा सांसद रहे. 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में मुरैना से जीत हासिल करके तोमर लोकसभा पहुंचे. नरेंद्र सिंह ने 2014 में सिंधिया राजघराने के प्रभाव वाली सीट से जीत का परचम लहराया और मोदी सरकार में मंत्री बने.

गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की संसदीय क्षेत्र ग्वालियर एक पार्टी के प्रभाव में कभी नहीं रहा है. बीजेपी की ओर से जहां यशोदाराजे सिंधिया यहां से सांसद बन चुकी हैं, तो कांग्रेस की ओर से माधवराव सिंधिया और उनकी मां विजयाराजे सिंधिया यहां से सांसद रह चुकी हैं. यहां चार बार बीजेपी जीती, दो बार जनसंघ और आठ बार कांग्रेस विजयी हुई. पिछले तीन लोकसभा चुनावों से यहां बीजेपी जीतती आ रही है.काम को देते हैं तवज्जो
नरेंद्र सिंह तोमर ने अपनी संगठनात्मक क्षमता, मजबूत प्रशासनिक पकड़ और कुशल रणनीतिकार के कारण मोदी सरकार में अपना एक अहम मुकाम हासिल किया. इसलिए नरेंद्र सिंह को एक बार फिर मोदी सरकार में जगह दी गई है. दरअसल नरेंद्र सिंह बात करने के बजाए काम को तवज्जो देने राजनीतिज्ञ हैं. इन्हीं गुणों के कारण नरेंद्र सिंह मोदी को पसंद हैं.

बीजेपी ने वाजपेयी के भांजे का टिकट काट तोमर को मैदान में उतारा
उल्लेखनीय है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में मुरैना सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी के नरेंद्र सिंह तोमर और कांग्रेस के रामनिवास रावत के बीच था. तोमर ने कड़ी चुनावी जंग में कांग्रेस के प्रत्याशी को शिकस्त देते हुए जीत दर्ज की है. बीजेपी ने इस सीट की गंभीरता को देखते हुए ही अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा का टिकट का काटकर 2014 में तोमर को मैदान में उतारा था. दरअसल 2009 में यहां से अनूप मिश्रा सांसद थे.

फाइल फोटो: पीटीआई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नरेंद्र सिंह तोमर (फाइल फोटो: पीटीआई)


परिश्रमी और सूझबूझ वाले
नरेंद्र सिंह तोमर ने राजनीतिक ऊंचाइयों को अपने अथक परिश्रम और सूझबूझ से हासिल किया है. भारतीय जनता युवा मोर्चा से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले तोमर ने राजनीति में फर्श से अर्श तक का मुकाम हासिल किया है.  तोमर 2008 में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए और उसके बाद वह 15 जनवरी 2009 में निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए. बाद में वह पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री पद पर रहे.

नरेंद्र तोमर 16 दिसंबर 2012 को पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए थे. 2014 लोकसभा चुनावों में ग्वालियर सीट से सांसद चुने गए और प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल हुए. 2019 में नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर नरेंद्र सिंह तोमर पर भरोसा जताया है.

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First published: May 30, 2019, 2:31 PM IST
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