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चक्रवात प्रभावित इलाकों के दौरे पर बाबुल सुप्रियो को दिखाए गए काले झंडे

चक्रवात ‘बुलबुल’ से प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा लेने बुधवार को दक्षिण 24 परगना पहुंचे तो उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा (फाइल फोटो, PTI)
चक्रवात ‘बुलबुल’ से प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा लेने बुधवार को दक्षिण 24 परगना पहुंचे तो उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा (फाइल फोटो, PTI)

बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता थे. उन्होंने मंगलवार को बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने उनसे पश्चिम बंगाल में चक्रवात प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए कहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 13, 2019, 8:03 PM IST
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नामखाना/फ्रेजरगंज. केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) जब चक्रवात ‘बुलबुल’ (Bulbul) से प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा लेने बुधवार को दक्षिण 24 परगना (South 24 Parganas) पहुंचे तो उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा और लोगों के एक समूह ने उन्हें वापस जाने के लिए कहा.

सुप्रियो ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता थे. उन्होंने मंगलवार को बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने उनसे पश्चिम बंगाल में चक्रवात प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए कहा है.

सुप्रियो ने कहा- 'सभी प्रदर्शनकारी TMC के कार्यकर्ता'
उनके काफिले को चक्रवात (Cyclone) से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में से एक नामखाना पहुंचने के फौरन बाद प्रदर्शनकारियों (Protesters) ने रोक दिया और उन्हें काले झंडे दिखाए. केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि वह जमीनी हकीकत का जायजा लेने जिले में आए हैं लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने उन्हें वापस जाने के लिए कहा.
सुप्रियो ने कहा, ‘‘मैं जानता था कि मुझे चक्रवात प्रभावित इलाकों के अपने दौरे के दौरान प्रदर्शनों का सामना करना पड़ेगा. सभी प्रदर्शनकारी टीएमसी (TMC) के कार्यकर्ता थे.’’



TMC का निशाना- 'पहले तैयारी करके आना चाहिए था'
वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने सुप्रियो पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें चक्रवात प्रभावित स्थानों का दौरा करने से पहले तैयारी करके आना चाहिये था.

चटर्जी ने कहा, "वहां क्या हो रहा है? वह उस समय कहां थे जब चक्रवात तटीय इलाकों (Coastal Areas) में पहुंच रहा था? हो सकता है कि वह मामले पर राजनीति करने में दिलचस्पी रखते हों, लेकिन तथ्य यह है कि हम पहले ही मुआवजे का भुगतान कर चुके हैं और राहत कार्य भी रविवार को शुरू कर दिया गया था. उन्हें आरोप लगाने से पहले तैयारी करके आना चाहिये था."

जाधवपुर में भी हुआ था घेराव, राज्यपाल ने निकाला था बाहर
इससे पहले 19 सितंबर को सुप्रियो का जाधवपुर विश्वविद्यालय (Jadavpur University) में छात्रों ने घेराव कर लिया था, जहां वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल (Governor) जगदीप धनखड़ ने वहां पहुंचकर उन्हें बाहर निकाला था.

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