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ब्लैक फंगस से पीड़ित शख्स की 5 महीने में हुई 6 सर्जरी, 7वीं का इंतजार, इलाज के लिए बेचना पड़ा घर

पत्नी चांदनी के साथ विमल

Black Fungus: देश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर में जो मरीज ठीक हो गए अब उन पर ब्लैक फंगस का खतरा मंडरा रहा है. एक ओर कोरोना के मामले घट रहे हैं तो वहीं ब्लैक फंगस के मामलों की संख्या 5,000 के पार हो गई है.

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    गांधीनगर. देश में कोरोनावायरस संक्रमण (Coronavirus In India)  की महामारी के बीच ब्लैक फंगस (Black Fungus) के भी कई मामले पाए गए हैं. दूसरी लहर में जो मरीज ठीक हो गए अब उन पर ब्लैक फंगस का खतरा मंडरा रहा है. एक ओर कोरोना के मामले घट रहे हैं तो वहीं ब्लैक फंगस के मामलों की संख्या 5,000 के पार हो गई है. गुजरात में भी ब्लैक फंगस के मामले बढ़ रहे हैं. यहां दो हजार मरीज़ ब्लैक फंगस से पीड़ित पाए गए हैं. राज्य में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें मरीज 5 महीने से वह ठीक नहीं हो पाए.

    मिली जानकारी के अनुसार राजकोट निवासी विमल दोषी, कोरोना संक्रमित हो गए थे. वह कोरोना से तो जंग जीत गए लेकिन ब्लैक फंगस ने उन्हें अपने चपेट में ले लिया. पिछले पांच महीने से ब्लैक फंगस से जूझ रहे विमल के भीतर संक्रमण बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है. विमल को अब तक ब्लैक फंगस का मुकाबला करने के लिए 39 इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं. इतना ही नहीं अब तक उनकी छह बार सर्जरी हो चुकी है और अब सातवीं सर्जरी होने जा रही है.

    अब तक 41 लाख रुपये हुए खर्च, बेचना पड़ा घर
    इस बाबत विमल की पत्नी चांदनी ने जानकारी दी कि काम के सिलसिले में उनके पति अहमदाबाद में रहते थे. नवंबर 2020 में वह कोरोना संक्रमित हो गए और 15 दिन तक कोविड का इलाज चला. इस दौरान उन्हें ऑक्सीजन के साथ स्टेरॉयड दिया गया. पत्नी के अनुसार, विमल के नाक में फंगस पाया गया, जिसके बाद आणंद के मेडिकल कॉलेज में उनकी सर्जरी हुई. इसके बाद फंगस आंख तक पहुंच गया और उसकी भी सर्जरी हुई. फिर नाक और उसके आस-पास के हिस्सों में दोबारा सर्जरी की गई. अब ब्लैक फंगस दिमाग तक पहुंच गया है, जिसकी वजह से अब न्यूरो सर्जरी की जाएगी.

    उनकी पत्नी चांदनी ने कहा कि इंफेक्शन की वजह से बीते पांच महीने से हम आणंद में ही रह रहे हैं. उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस के इलाज में सारी जमापूंजी खत्म हो गई. चांदनी ने कहा कि उन्हें पति के इलाज के लिए घर तक बेचना पड़ा और अब तक 41 लाख रुपये खर्च हो गए हैं. अब भी कम से कम 10 से 15 लाख रुपये की सख्त जरूरत है. चांदनी के अनुसार अब तक चार लेप्रोस्कोपी, एक फोरहेड सर्जरी और ब्रेन सर्जरी हो चुकी है. जब लगा कि वह पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं, तब उनके मस्तिष्क में संक्रमण पाया गया.

    एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विमल का इलाज करने वाले डॉक्टर ने कहा कि वह जिस तरह से ब्लैक फंगस की चपेट में आए हैं, उनका बचे रहना एक चमत्कार जैसा है. अब तक उनकी 6 सर्जरी हो चुकी है.
    Published by:Rahul Sankrityayan
    First published: