मेघालय: खदान में देखा गया एक शव, बाहर निकालने की कोशिश में जुटे गोताखोर

मेघालय: खदान में देखा गया एक शव, बाहर निकालने की कोशिश में जुटे गोताखोर
मेघालय सरकार ने फंसे खनिकों के परिवार के लिए एक लाख रुपये की अंतरिम राहत राशि जारी की है.

मेघालय के पूर्वी जयंतिया पर्वतीय जिले में 370 फुट गहरी कोयला खदान में 13 दिसंबर को हुए हादसे में 15 खनिक वहां फंस गए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 26, 2019, 3:43 PM IST
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मेघालय के पूर्वी जयंतिया पर्वतीय जिले में कोयला खदान के अंदर नौसेना के गोताखोरों को एक और खनिक का शव दिखा. 370 फुट गहरी कोयला खदान में 13 दिसंबर को हुए हादसे में 15 खनिक वहां फंस गए थे, जिन्हें तभी से निकालने की कोशिशें जारी हैं. मेघालय सरकार ने फंसे खनिकों के परिवार के लिए एक लाख रुपये की अंतरिम राहत राशि जारी की है.

अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया, 'भारतीय नौसेना ने हमें बताया कि उन्होंने तड़के तीन बजे मुख्य शाफ्ट के तल से करीब 280 फीट की दूरी पर एक और शव देखा है.' उन्होंने बताया कि शव बुरी तरह सड़ गल चुका है. उसे नौसेना के रिमोट संचालित वाहन के जरिये खदान से बाहर निकालने की कोशिशें जारी हैं.

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गोताखोरों ने इससे पहले गुरुवार एक और मजदूर का शव बाहर निकाला था, जिसकी पहचान असम के चिरांग जिले के आमिर हुसैन के रूप में की गई है. उन्होंने नौ दिन पहले ही शव का पता लगा लिया था, जिसके बाद भारतीय नौसेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने एक संयुक्त अभियान में गुरुवार को खदान से शव बाहर निकाला.



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पूर्वी जयंतिया पर्वतीय जिले के उपायुक्त एफएम डोप्थ ने बताया कि शुक्रवार तड़के जिला मुख्यालय खिलेहृयात पहुंची हुसैन की पत्नी और मां ने शव की पहचान की.

हुसैन उन 15 खनिकों में से एक है, जो 13 दिसंबर को खदान में फंस गए थे. इस घटना ने पूर्वोत्तर राज्य में जिंदगी दांव पर लगाकर गैरकानूनी रूप से चल रहे कोयला खनन पर देश का ध्यान खींचा. राष्ट्रीय हरित अधिकरण के प्रतिबंध के बावजूद ये खदानें चल रही हैं.

खदान में फंसे खनिकों के परेशान परिवार के सदस्य जिला मुख्यालय में डेरा डाले हुए हैं और अपने प्रियजन की किसी भी खबर के लिए बार-बार घटनास्थल पर जाते हैं. खदान के मालिक क्रिप चलेट को 14 दिसंबर को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया. उसके साथी फरार थे.

उधर सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय में खदान मजदूरों को बचाने में देरी पर राज्य सरकार को फटकार लगाई है. कोर्ट ने नाराज़गी जताते हुए कहा है कि बचाव कार्य में ढिलाई बरती जा रही है.

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First published: January 26, 2019, 3:43 PM IST
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