अपना शहर चुनें

States

पश्चिम बंगाल के नदिया में ​मिला बीजेपी कार्यकर्ता का शव, पार्टी ने कहा- हत्या हुई

पश्चिम बंगाल के नदिया में ​मिला बीजेपी कार्यकर्ता का शव. (सांकेतिक तस्वीर)
पश्चिम बंगाल के नदिया में ​मिला बीजेपी कार्यकर्ता का शव. (सांकेतिक तस्वीर)

बीजेपी कार्यकर्ता (BJP worker) विजय शील का शव पश्चिम बंगाल (West Bengal) के नदिया (Nadia) जिले में एक पेड़ से लटका मिला. बंगाल भाजपा ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए बताया कि विजय शील बीजेपी के सक्रिय कार्यकर्ता थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 2, 2020, 8:09 AM IST
  • Share this:
कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में कुछ दिन पहले हुई बीजेपी कार्यकर्ता (BJP worker) मनीष शुक्ला की हत्या की घटना को अभी लोग भूल भी नहीं पाए थे कि एक बार फिर नदिया (Nadia) जिले में बीजेपी कार्यकर्ता का शव मिलने से सियासत तेज हो गई है. ​बीजेपी कार्यकर्ता विजय शील का शव नदिया जिले में एक पेड़ से लटका मिला.

बंगाल बीजेपी ने ​ट्वीट करते हुए बताया कि विजय सिर्फ 34 साल के थे और पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता थे. विजय की हत्या करने के बाद उनकी लाश को नदिया में एक पेड़ पर लटका दिया गया. गुंडों द्वारा हर बार इसी तरीके से घटना को अंजाम दिया जाता है. क्या बीजेपी को रोकने के लिए आतंक का इस्तेमाल किया जा रहा है. हम रुकने वाले नहीं हैं. बीजेपी यह सुनिश्चित कराएगी कि मारे गए सभी कार्यकर्ताओं के परिजन को न्याय मिले! ये राजनीतिक हत्याएं रुकनी चाहिए.

इस घटनाक्रम पर केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी दुख जताया है और हत्या की कड़ी निंदा की है. बीजेपी के उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा, एक समय था जब लोग टीवी पर महाभारत और रामायण देखने का इंतजार करते थे लेकिन अब बंगाल में लोगेां को हर दिन किसी न किसी राजनीतिक कर्मी की हत्या की जानकारी मिलती है. एक बार फिर बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या की गई. नदिया जिले में बीजेपी कार्यकर्ता विजय की हत्याकर उसे लटका दिया गया.
इसे भी पढ़ें :- बंगाल के राज्‍यपाल जगदीप धनखड़ बोले- राज्‍य में गवर्नेंस की स्थिति के लेकर चिंतित हूं



राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी जताई थी चिंता
पश्चिम बंगाल के हालात और कानून व्‍यवस्‍था को लेकर कुछ दिन पहले ही राज्‍यपाल जगदीप धनखड़ ने मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला था. जगदीप धनखड़ ने कहा था, 'मैं पश्चिम बंगाल में शासन की स्थिति को लेकर चिंतित हूं, जो संविधान और कानून के शासन से दूर हो रही है. मैं नहीं चाहता कि राज्‍य के लोग उम्‍मीद खो दें कि यहां स्‍वतंत्र और निष्‍पक्ष चुनाव नहीं हो सकते.' मैंने सरकार से बार-बार कहा कि लोक सेवक राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं हो सकते. अगर वे ऐसा हो जाते हैं तो लोकतंत्र का भाग्‍य कैद हो जाता है. मैंने वरिष्ठ आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे अपनी राजनैतिक टोपी छोड़ दें और राजनीतिक के सिपाही ना बनें.'
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज