पश्चिम बंगाल के मंत्री पर बम हमला मामला, CID के हत्थे चढ़ा एक बांग्लादेशी नागरिक

मुर्शिदाबाद के हमले में घायल टीएमसी नेता जाकिर हुसैन.  (फाइल फोटो)

मुर्शिदाबाद के हमले में घायल टीएमसी नेता जाकिर हुसैन. (फाइल फोटो)

West Bengal News: नीमतीता रेलवे स्टेशन पर यह धमाका 17 फरवरी की रात करीब 10 बजे तब हुआ जब तृणमूल कांग्रेस ने नेता हुसैन प्लेटफॉर्म संख्या दो पर कोलकाता के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे.

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कोलकाता. मुर्शिदाबाद के नीमतीता रेलवे स्टेशन पर हुए धमाके के संबंध में पश्चिम बंगाल सीआईडी ने एक बांग्लादेशी नागरिक को हिरासत में लिया है. एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. इस धमाके में राज्य सरकार के मंत्री जाकिर हुसैन और 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे.

नीमतीता रेलवे स्टेशन पर यह धमाका 17 फरवरी की रात करीब 10 बजे तब हुआ जब तृणमूल कांग्रेस ने नेता और श्रम राज्यमंत्री हुसैन प्लेटफार्म संख्या दो पर कोलकाता के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे. सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हमने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और आगे की जांच जारी है.' धमाके में घायल हुए हुसैन और अन्य लोगों का शहर के एक सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 18 फरवरी को आरोप लगाया था कि राज्य के मंत्री जाकिर हुसैन पर बम से हुआ हमला एक साजिश का हिस्सा था और कुछ लोग उन पर दूसरी पार्टी में शामिल होने के लिए ‘दबाव’ बना रहे थे. बनर्जी ने पत्रकारों से कहा था, ‘मंत्री जाकिर हुसैन पर हमला एक सोची-समझी साजिश थी. कुछ लोग (पार्टी) पिछले कुछ महीने से जाकिर हुसैन पर दबाव बना रहे थे, कि वह उनके दल में शामिल हों. मैं अधिक जानकारी नहीं दूंगी क्योंकि जांच जारी है.’

बनर्जी ने कहा था कि सिर्फ सीआईडी नहीं, बल्कि राज्य एसटीएफ और ‘काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स’ (सीआईएफ) भी जांच में सहयोग करेगी. मुख्यमंत्री ने हमले में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को पांच-पांच लाख रुपये और मामूली रूप से घायल हुए लोगों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी.
उन्होंने पूछा था, ‘जब हमला रेलवे स्टेशन पर हुआ, तो रेलवे सुरक्षा में चूक की अपनी जिम्मेदारी से इनकार कैसे कर सकती है? हमले के समय स्टेशन पर कोई सुरक्षा कर्मी नहीं था. वहां बिजली भी नहीं थी, बिल्कुल अंधेरा था। रेलवे पुलिस आखिर क्या कर रही थी?’ उन्होंने कहा कि रेलवे को जांच में सहयोग करना चाहिए. बनर्जी ने कहा, ‘रेलवे स्टेशन, रेलवे की सम्पत्ति है. रेलवे पुलिस उसकी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है. यह हमारे अधिकार-क्षेत्र में नहीं आता.’
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