बॉम्बे हाईकोर्ट के जज ने कहा- मैं जानता हूं 'वार एंड पीस' उत्कृष्ट कृति है

भाषा
Updated: August 29, 2019, 7:04 PM IST
बॉम्बे हाईकोर्ट के जज ने कहा- मैं जानता हूं 'वार एंड पीस' उत्कृष्ट कृति है
वेरनोन गोंजाल्विस की फाइल फोटो

न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल (Justice Sarang Kotwal) ने कहा कि मैं 'वार एंड पीस' (War and Peace) के बारे में जानता हूं. मैं पुलिस द्वारा (साक्ष्य) के रूप में उल्लिखित समूची सूची पर सवाल कर रहा था.

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बंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने गुरुवार को कहा कि वह जानता है कि लियो टॉलस्टॉय ( Leo Tolstoy) की किताब 'वार एंड पीस' (War and Peace) एक उत्कृष्ट कृति है और उसके कहने का मतलब यह नहीं था कि यल्गार परिषद-कोरेगांव भीमा (Elgar Parishad-Koregaon Bhima) मामले में पुणे पुलिस (Pune Police) द्वारा जब्त की गईं सभी किताबें आपत्तिजनक हैं.

न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल (Justice Sarang Kotwal) की यह टिप्पणी तब आई जब एक दिन पहले मीडिया में आई खबरों में कहा गया कि उन्होंने आरोपी वेरनोन गोंजाल्विस (Vernon Gonsalves) से यह बताने को कहा कि उन्होंने 'वार एंड पीस' की प्रति जैसी 'आपत्तिजनक सामग्री' अपने घर पर क्यों रखी. न्यायाधीश की इस कथित टिप्पणी पर टि्वटर पर हजारों प्रतिक्रियाएं आईं. दिनभर हैशटैग #warandpeace सोशल मीडिया (Social Media) पर ट्रेंड करता रहा.

अदालत की ताजा टिप्पणी तब आई जब गोंजाल्विस के वकील ने सूचित किया कि पिछले साल कार्यकर्ता के घर से जब्त की गईं किताबों में से किसी को भी भारत सरकार ने सीआरपीसी के प्रावधानों के अनुरूप प्रतिबंधित नहीं किया है.

पुलिस की सूची पर कर रहा था सवाल

न्यायमूर्ति कोतवाल ने कहा, "किताबों के प्रतिबंधित न होने के बारे में आपने अपनी बात बता दी है. इसके अतिरिक्त कल मैं आरोपपत्र से समूची सूची को पढ़ रहा था. यह बहुत ही खराब लिखावट में लिखी गई थी. मैं 'वार एंड पीस' के बारे में जानता हूं. मैं पुलिस द्वारा (साक्ष्य) के रूप में उल्लिखित समूची सूची पर सवाल कर रहा था." '

सह-आरोपी सुधा भारद्वाज के वकील युग चौधरी ने तब अदालत को बताया कि 'वार एंड पीस' जिसका बुधवार को अदालत ने जिक्र किया था, वह विश्वजीत रॉय द्वारा संपादित निबंधों का संग्रह है और उसका शीर्षक 'वार एंड पीस इन जंगलमहल: पीपुल, स्टेट एंड माओइस्ट' है. बुधवार को अदालत ने कहा था, "वार एंड पीस दूसरे देश में युद्ध के बारे में है. आपने ये किताबें अपने घर में क्यों रखी थी."

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सीडी का भी हुआ जिक्र
न्यायाधीश ने 'राज्य दमन विरोधी' शीर्षक वाली एक सीडी का भी जिक्र किया था और कहा था कि शीर्षक 'स्पष्ट दर्शाता है' कि यह देश के खिलाफ सामग्री है. 'आपने यह अपने घर में क्यों रखी हुई है.'

विवाद का केंद्र बना वार एंड पीस
रूस के बारे में लिखा गया टॉलस्टॉय का उपन्यास बुधवार को तब विवाद का बिन्दु बन गया था जब मामले की जांच कर रही पुणे पुलिस ने सुनवाई के दौरान दावा किया कि यह पिछले साल छापेमारी के दौरान गोंजाल्विस के मुंबई स्थित घर से बरामद 'अत्यंत आपत्तिजनक सामग्री' है.

कोरेगांव भीमा हिंसा मामले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे. पुलिस मामले में नक्सली संपर्कों की जांच कर रही है. मामले में गिरफ्तार अन्य लोगों में शोमा सेन, रोना विल्सन, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरा और गौतम नवलखा शामिल हैं.

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First published: August 29, 2019, 7:04 PM IST
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