लाइव टीवी

दाभोलकर, पानसरे मामले में सुनवाई में देरी, सीबीआई, CID की हाईकोर्ट में खिंचाई

भाषा
Updated: February 13, 2020, 11:51 PM IST
दाभोलकर, पानसरे मामले में सुनवाई में देरी, सीबीआई, CID की हाईकोर्ट में खिंचाई
अदालत दाभोलकर और पानसरे के परिवारों द्वारा दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी.

बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High court) ने एक्टिविस्ट नरेंद्र दाभोलकर (Narendra Dabholkar) और कार्यकर्ता गोविंद पानसरे (Govind Pansare) की हत्या के मामलों में सुनवाई शुरू होने में देरी पर गुरुवार को चिंता प्रकट की और कहा कि न्याय प्रदान करने में विफल नहीं होना चाहिए.

  • भाषा
  • Last Updated: February 13, 2020, 11:51 PM IST
  • Share this:
मुंबई. बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High court) ने एक्टिविस्ट नरेंद्र दाभोलकर (Narendra Dabholkar) और कार्यकर्ता गोविंद पानसरे (Govind Pansare) की हत्या के मामलों में सुनवाई शुरू होने में देरी पर गुरुवार को चिंता प्रकट की और कहा कि न्याय प्रदान करने में विफल नहीं होना चाहिए. जस्टिस एससी धर्माधिकारी और जस्टिस आरआई छागला की पीठ ने कहा कि दाभोलकर की हत्या को सात साल और पानसरे की हत्या को पांच साल हो चुके हैं. पीठ ने कहा, ‘(सुनवाई को लेकर) कुछ निश्चितता होनी चाहिए...न्याय प्रदान करने में विफल नहीं होना चाहिए...पीड़ितों और उनके परिवार और गिरफ्तार आरोपियों के लिए भी ...चूंकि उनके भी मौलिक अधिकार हैं.’

अदालत दाभोलकर और पानसरे के परिवारों द्वारा दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. याचिका में दोनों मामलों में की जा रही जांच में अदालत की निगरानी की मांग की गई है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) दाभोलकर मामले की जांच कर रही है, जबकि राज्य का अपराध जांच विभाग (सीआईडी) पानसरे के मामले की जांच कर रहा है. पीठ ने कहा, ‘यहां न्याय प्रदान करने वाली व्यवस्था की विश्वसनीयता दांव पर है. लोगों का व्यवस्था में भरोसा नहीं टूटना चाहिए.’ पीठ ने कहा कि अपराध 2013 और 2015 में हुए थे. मुकदमे की सुनवाई में देरी उचित नहीं है.’

24 मार्च तक सीबीआई सीआईडी से मांगा जवाब
अदालत ने कहा, ‘आज गिरफ्तार आरोपी व्यक्ति भी अपने अधिकारों को लेकर सवाल उठा सकते हैं. दोषी ठहराए जाने तक हर किसी को निर्दोष माने जाने की गुंजाइश रहती है. किसी को भी अनिश्चितकाल के लिए सलाखों के पीछे नहीं रखा जा सकता.’पीठ ने सीबीआई और राज्य सीआईडी को हाईकोर्ट को 24 मार्च तक बताने को कहा है कि दोनों मामलों में कब सुनवाई शुरू होगी. पुणे में 20 अगस्त 2013 को दाभोलकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पानसरे को पश्चिम महाराष्ट्र के कोल्हापुर में 16 फरवरी 2015 को उनके घर के पास गोली मार दी गयी थी. चार दिन बाद उनकी मौत हो गई.



यह भी पढ़ें...
दिल्ली चुनाव: जयराम रमेश की कांग्रेस को सलाह- अब अपना घमंड छोड़ना पड़ेगा...

कोलकाता में पानी के अंदर दौड़ेगी मेट्रो, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने किया उद्घाटन

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Mumbai से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 13, 2020, 10:03 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर