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CRPF के वीरों की शौर्यगाथाएं सुनाने वाली किताब 'समुंद समावे बुंद में' का लोकार्पण

पुस्तक विमोचन के मौके पर ओम बिड़ला ने कहा कि ये पुस्तक सभी के दिलों को गर्व से भर देगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी.
पुस्तक विमोचन के मौके पर ओम बिड़ला ने कहा कि ये पुस्तक सभी के दिलों को गर्व से भर देगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी.

किताब 'समुंद समावे बुंद में' वीरता के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सम्मानित 13 वीरों और वीरांगनाओं की शौर्य गाथाएं हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 13, 2020, 7:31 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के गौरवशाली इतिहास को इसके शूरवीरों ने धैर्य, अदम्य साहस और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता से राष्ट्र की सेवा कर लिखा है. इन वीरों और वीरांगनाओं की वीरता के कृत्यों को 2000 से अधिक वीरता पदक से सम्मानित किया जा चुका है- जो किसी भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में सर्वोच्च है. इस सोच के साथ कि देश के प्रत्येक नागरिक को अधिकार है, इन साहस, देशभक्ति, निष्ठा, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण की सच्ची कहानियों को जानने और उन पर गर्व करने का, CRPF द्वारा 'समुंद समावे बुंद में-केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के वीरों की शौर्यगाथाएँ' नामक पुस्तक लिखी गयी है. पुस्तक में, वीरता के लिए चक्र से सम्मानित 13 वीरों/वीरांगनाओं की शौर्य गाथाएं हैं.

संसद हमले की बरसी पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने संसद भवन स्थित अपने कार्यालय में रविवार को पुस्तक के हिंदी और अंग्रेजी संस्करण (‘The Shaurya Unbound’) का विमोचन किया. इस पुस्तक में कांस्टेबल कमलेश कुमारी, अशोक चक्र (मरणोपरांत) और चार शौर्य चक्र प्राप्तकर्ताओं- हेड कांस्टेबल यम बहादुर थापा, कांस्टेबल डी संतोष कुमार, कांस्टेबल सुखविंदर सिंह, कांस्टेबल श्याबीर सिंह, की भी शौर्यगाथाएं शामिल हैं, जिन्होंने 2001 में हुए संसद हमले को विफल करने में अनुकरणीय वीरता का परिचय दिया.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने पुस्तक का विमोचन किया.




डीआईजी सीआरपीएफ नीतू और डीआईजी सीआरपीएफ एम धिनाकरन और उनकी टीम- सहायक कमांडेंट सीआरपीएफ और इंस्पेक्टर दीपक सक्सेना संग मिलकर लिखी इस पुस्तक में सर्वोच्च शांति काल वीरता पुरस्कार- अशोक चक्र, वीर चक्र, और शौर्य चक्र प्राप्तकर्ताओं की वीरगाथाएं हैं. चूंकि सीआरपीएफ वर्षों से शांति स्थापित करने हेतु अंतराष्ट्रीय मिशंस पर विदेश में तैनात होती रही है, विदेशी मुल्क में लिखी गयी विशिष्ट शौर्यगाथा को भी इस पुस्तक में शामिल किया गया है.
सीआरपीएफ को इस विस्तृत संकलन के लिए बधाई देते हुए ओम बिड़ला ने कहा कि उन्हें यकीन है कि यह पुस्तक सभी के दिलों को गर्व से भर देगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी. पुस्तक के विमोचन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ ए.पी. महेश्वरी डीजी सीआरपीएफ ने कहा कि ये सच्ची कहानियाँ हमारी विरासत हैं और प्रत्येक नागरिक को इन कहानियों के बारे में जानने और उन पर गर्व करने का अधिकार है.

ऑपरेशन्स की सूक्ष्म जानकारियों और विवरण को अपने विश्लेषण के साथ प्रस्तुत करने का काम लेखिका और लेखक द्वारा बखूबी किया गया है. पुस्तक केवल ऑपरेशन की कार्रवाई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इन वीरों के व्यक्तिगत जीवन और भावनाओं तक पहुँचती हैं जो अक्सर अनदेखी और अनछुए रह जाते हैं. पुस्तक में इन निडर योद्धाओं के जीवन के दिलचस्प किस्सों का अक्सर जिक्र मिलता है.

देश के नागरिकों को समर्पित और कर्तव्य की वेदी पर सर्वोच्च बलिदान करने वालों वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करती यह पुस्तक वीरता के लिए श्रद्धा, सटीकता के लिए निष्ठा, और सबसे महत्वपूर्ण उस जुनून के साथ लिखी गयी है जो हर देश भक्त के दिल में धधकता है.
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