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6*6 की कोठरी में रहेगा सट्टेबाज़ संजीव चावला, ब्रिटेन ने भारत प्रत्‍यर्पित करने को दी मंजूरी

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Updated: January 7, 2019, 9:26 PM IST
6*6 की कोठरी में रहेगा सट्टेबाज़ संजीव चावला, ब्रिटेन ने भारत प्रत्‍यर्पित करने को दी मंजूरी
File Photo

संजीव चावला साल 2000 में दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए से जुड़े मैच फिक्सिंग मामले में मुख्य आरोपी है.

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  • Last Updated: January 7, 2019, 9:26 PM IST
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सट्टेबाज संजीव चावला को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है. ब्रिटेन ने उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है. संजीव चावला साल 2000 में पूर्व दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट कप्तान हैंसी क्रोनिए से जुड़े मैच फिक्सिंग मामले में मुख्य आरोपी है. अब यह मामला आधिकारिक प्रत्‍यर्पण के आदेश के लिए गृह सचिव साजिद जाविद के पास जाएगा. उनके पास फैसला लेने के लिए छह महीने का वक्‍त है, हालांकि चावला का भारत आना तय है, क्‍योंकि ऐसे मामलों में गृह सचिव कोर्ट के आदेश पर मुहर लगाने भर का ही काम करते हैं

पिछले साल नवंबर में ब्रिटिश अदालत ने बुकी संजीव कुमार चावला को भारत प्रत्यर्पित करने के खिलाफ निचली अदालत के फैसले को निरस्त कर दिया था.

प्रत्‍यर्पण के फैसले को मंजूरी देने के लिए भारत सरकार ने तीन बार कोर्ट को विश्‍वास दिलाया. तीसरी बार भारत सरकार के संयुक्‍त सचिव स्‍तर के अधिकारी ने कोर्ट को पारदर्शी ट्रायल और जेल की बेहतर सुविधाओं का भरोसा दिया. नवंबर में कोर्ट ने भारत की अपील को मान लिया. इसके बाद सोमवार यानी सात जनवरी का फैसला केवल औपचारिकता भर था. जज रेबेका क्रेन ने कहा, 'फैसला अब गृह सचिव को भेजा जाता है.'



ब्रिटिश कोर्ट को अक्‍सर भारतीय जेलों की स्थिति को लेकर ऐतराज होता है. इसके चलते प्रत्‍यर्पण के मामले लटकते हैं. विजय माल्‍या के मामले में सरकार ने बताया कि उनके लिए अलग से एक सेल बनाई गई है. इसी तरह से चावला के मामले में भी सरकार ने कहा कि उसे 6*6 के सेल में रखा जाएगा. सरकार ने ब्रिटिश कोर्ट की बाकी मांगे भी मान ली जिसके बाद प्रत्‍यर्पण का रास्‍ता खुला.



चावला पर आरोप है कि साल 2000 में दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम के भारत दौरे के समय उसने मैच फिक्‍स किए. दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्‍तान कोन्‍ये ने बाद में फिक्सिंग की बात कबूली भी थी. एक विमान दुर्घटना में क्रोन्‍ये की मौत हो गई थी.

वह 1996 में ब्रिटेन चला  गया था और लंदन में जून 2016 में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. वह बिजनेस वीजा के जरिए भारत से बाहर गया था.भारत ने साल 2000 में उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया था लेकिन चावला ने 2005 में ब्रिटेन का पासपोर्ट ले लिया था और अब वह ब्रिटिश नागरिक है.

नवंबर में ब्रिटिश हाईकोर्ट ने चावला को भारत प्रत्यर्पित करने के खिलाफ निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया और डिस्ट्रिक्ट जज को उसके खिलाफ प्रत्यर्पण कार्यवाही फिर शुरू करने का निर्देश दिया. नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में कारागार की सुरक्षा स्थिति पर भारत सरकार के आश्वासन को मानने के बाद ये निर्देश दिया गया.

चावला 2017 में खुद को भारत प्रत्यर्पित किये जाने के खिलाफ मामला जीत गया था. वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कहा था कि पहली नजर में मामले में उससे पूछताछ जरूरी है, लेकिन तिहाड़ जेल में रखे जाने के दौरान उसके मानवाधिकार के संबंध में कोई गारंटी नहीं दी गई.

चावला के प्रत्यर्पण के खिलाफ निचली अदालत के फैसले को खारिज करते हुए अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि वह तिहाड़ जेल में कारगार की सुरक्षा की स्थिति के संबंध में दिए गए आश्वासन पर भरोसा करता है. अदालत के फैसले में कहा गया कि फरवरी-मार्च 2000 में क्रोनिए की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीकी टीम के भारत दौरे के दौरान क्रिकेट मैच फिक्स करने में प्रारंभिक नजर में चावला की भूमिका लगती है.

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First published: January 7, 2019, 4:00 PM IST
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