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बरसों पुराने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए एक मेज पर आए असम और मिजोरम

जुलाई 2021 में असम और मिजोरम के पुलिस बलों के बीच हिंसक झड़प में छह लोगों की जान चली गई थी.

जुलाई 2021 में असम और मिजोरम के पुलिस बलों के बीच हिंसक झड़प में छह लोगों की जान चली गई थी.

Assam Meghalaya Border Dispute: पिछले साल जुलाई में असम और मिजोरम के पुलिस बलों के बीच हिंसक झड़प में छह लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद दोनों राज्यों ने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए समितियों का गठन किया था.

हाइलाइट्स

मिजोरम के 3 जिले असम के जिलों के साथ 164.6 किमी सीमा साझा करते हैं.
दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद 1875 और 1933 में दो औपनिवेशिक सीमांकन से उपजा.
मिजोरम को 1972 में असम से अलग कर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था.

आइजोल. मिजोरम और असम सरकारों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों ने मंगलवार को यहां सीमा वार्ता की और दो पूर्वोत्तर पड़ोसी राज्यों के बीच दशकों पुराने सीमा विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने की उम्मीद जतायी. प्रतिनिधिमंडल ने एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए जिसमें कहा गया कि दोनों राज्य शांति को बढ़ावा देने एवं बनाये रखने और सीमा पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सहमत हैं. बयान में कहा गया है कि दोनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों के उपायुक्त दो महीने में कम से कम एक बार बैठक करेंगे.

पिछले साल जुलाई में असम और मिजोरम के पुलिस बलों के बीच हिंसक झड़प में छह लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद दोनों राज्यों ने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए समितियों का गठन किया था. दोनों पक्षों ने मंगलवार को इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि राज्यों के प्रशासनिक नियंत्रण की परवाह किए बिना सीमा के दोनों ओर के लोगों द्वारा खेती और बागवानी सहित आर्थिक गतिविधियों को जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए.

मिजोरम के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्री लालचमलियाना ने किया जबकि असम के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीमा सुरक्षा एवं विकास मंत्री अतुल बोरा ने किया. वार्ता के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बोरा ने कहा कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री ईमानदार हैं और जटिल सीमा विवाद को सुलझाने में सकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं. लालचमलियाना ने कहा कि सीमा विवाद का स्थायी समाधान होने में समय लगेगा.

दोनों प्रतिनिधिमंडल अक्टूबर में असम की राजधानी गुवाहाटी में अगले दौर की वार्ता करने पर सहमत हुए. असम के मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सीमावर्ती इलाकों का जमीनी सत्यापन करने के लिए एक संयुक्त निरीक्षण दल के गठन पर अगली बैठक में चर्चा की जाएगी. उन्होंने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री स्तर की बातचीत की उम्मीद की जा सकती है. लालचमलियाना ने कहा कि अगले दौर की वार्ता में सीमा मुद्दे पर मिजोरम के रुख पर भी चर्चा होगी.

मिजोरम के तीन जिले – आइजोल, कोलासिब और ममित – असम के हैलाकांडी, करीमगंज और कछार जिलों के साथ 164.6 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं. दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद लंबे समय से है, जो 1875 और 1933 में दो औपनिवेशिक सीमांकन से उपजा है. मिजोरम को 1972 में असम से अलग कर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच कोई उचित सीमांकन नहीं हुआ है.

Tags: Assam, Mizoram

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