चीन सीमा के पास उत्तराखंड में BRO ने बनाया रणनीतिक रूप से अहम 180 फुट लंबा बेली पुल

चीन सीमा के पास उत्तराखंड में BRO ने बनाया रणनीतिक रूप से अहम 180 फुट लंबा बेली पुल
बीआरओ ने बनाया पु‍ल.

27 जुलाई को बादल फटने से नदियां और नाले उफान पर आ गए थे. साथ ही भूस्खलन भी हुआ था. इसमें यह पुल ध्‍वस्‍त हो गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 17, 2020, 9:17 AM IST
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नई दिल्ली. सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले (Pithoragarh) में हाल की बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हुए करीब 20 गांवों को राहत प्रदान करते हुए जौलजीबी और मुनस्यारी सेक्टर को जोड़ने वाली एक सड़क पर 180 फुट लंबा बेली पुल बनाया है. पिथौरागढ़ के पास चीन की सीमा लगती है. ऐसे में चीन (China) के साथ किसी तनातनी के बीच यह पुल काफी अहम होगा. इससे इलाके के गांवों का संपर्क दूसरे हिस्‍सों से हो गया है.

27 जुलाई को जिले के जौलजीबी सेक्टर में बादल फटने से नदियां और नाले उफान पर आ गए थे. एक बड़ा भूस्खलन भी हुआ था और जौलजीबी-मुनस्यारी रोड का 50 मीटर लंबा एक पुल पूरी तरह ध्वस्त हो गया था. अब बीआरओ ने इस पुल को बनाने में सफलता पाई है.






इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, 'बीआरओ ने 180 फुट लंबा पुल बनाने के लिए अपने संसाधन जुटाए. पुल 16 अगस्त तक सफलतापूर्वक बनकर तैयार हो गया और इससे करीब 20 बाढ़ प्रभावित गांवों को पहुंच मिली है तथा जौलजीबी को मुनस्यारी से जोड़ दिया गया है.'

लगातार भूस्खलन और भारी बारिश के बीच बीआरओ के सामने सबसे बड़ी चुनौती पिथौरागढ़ से बेली ब्रिज के कुछ हिस्सों को ले जाना था. हालांकि, सभी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बीआरओ 16 अगस्त को बेली ब्रिज को पूरा करने में सफल रहा, जिसने बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंच दी है और जौलजीबी व मुनस्यारी के बीच कनेक्टिविटी बहाल कर दी है.
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