2019 में महागठबंधन के खिलाफ BJP के दो फॉर्मूले: विकास और ब्रांड मोदी पर विश्वास

2019 में महागठबंधन के खिलाफ BJP के दो फॉर्मूले: विकास और ब्रांड मोदी पर विश्वास
पीएम नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो

बीजेपी को अच्छी तरह पता है कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है. यहां 80 लोकसभा सीटें हैं. ऐसे में बीजेपी के विकास और ब्रांड मोदी की रणनीति के तहत इस साल पीएम मोदी राज्य में कई और दौरे कर सकते हैं.

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प्रांशु मिश्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में 342 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया. 2019 में सबसे ज्यादा सीटों वाले उत्तर प्रदेश के नतीजों का सीधा असर लोकसभा में देखने को मिलेगा. ऐसे में सपा-बसपा-कांग्रेस के महागठबंधन से निपटने के लिए बीजेपी ने रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है.

बीजेपी की नई रणनीति दो चीजों पर आधारित है- विकास पर जोर और ब्रांड मोदी पर अधिक विश्वास... अपनी इन दो रणनीतियों को सहारे बीजेपी उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा, कांग्रेस और अन्य छोटी पार्टियों के महागठबंधन से मुकाबला करेगी. हाल के दिनों में यह साफ हो गया है कि महागठबंधन के अस्तित्व में आने से बीजेपी की जीत की संभावनाओं पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है.

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गोरखपुर-फूलपुर में हुए लोकसभा उपचुनाव के नतीजों ने एक तरफ जहां इस संभावित खतरे की तरफ सभी का ध्यान खींचा तो वहीं कैराना उपचुनाव में विपक्ष ने संयुक्त रूप से मुस्लिम प्रत्याशी तबस्सुम हसन को उतारा था, वह जीते भी.



बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि कैराना में हुई हार के बाद पार्टी 2019 से पहले संभावित महागठबंधन के खिलाफ रणनीति बनाने को लेकर चिंतित है. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने भी अपने हालिया यूपी दौरे में कार्यकर्ताओं से संयुक्त विपक्ष की संभावनाओं को देखते हुए तैयारी करने के निर्देश दिए थे.


संयुक्त विपक्ष के खिलाफ बीजेपी की रणनीति की पहली झलक तब देखने को मिली जब पीएम मोदी संत कबीर को श्रद्धांजलि अर्पित करने उत्तर प्रदेश के मगहर गए थे. कबीर में दलित, पिछड़ी जातियों और मुसलमान सभी वर्गों में समान रूप से श्रद्धा है.

मगहर में कबीर को मानने वालों को एक बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए पीएम मोदी ने विकास को लेकर अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया. वहीं उन्होंने अखिलेश यादव और मायावती पर गरीबों को धोखा देना का आरोप लगाया.

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आजमगढ़ में पीएम मोदी के शनिवार के भाषण से यह साफ हो गया कि बीजेपी 2019 के चुनाव अभियान में विकास के एजेंडे पर फोकस करेगी और इसके लिए पीएम मोदी ही सामने रहकर प्रचार करेंगे. इस तरह पार्टी ब्रांड मोदी का अधिक से अधिक फायदा उठाना चाहेगी.

इसमें कोई शक नहीं कि विकास का मुद्दा लेकर आगे बढ़ते हुए बीजेपी और पीएम मोदी सपा और बसपा को अलग-थलग करने की कोशिश करेंगे. बता दें कि यूपी में लंबे समय से जातिगत व्यवस्था ने राजनीति को प्रभावित किया है.

आजमगढ़ में सभी उम्मीद कर रहे थे कि पीएम सपा-बसपा पर हमला बोलेंगे. लेकिन उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "मैंने एक अखबार में पढ़ा कि कांग्रेस अध्यक्ष कह रहे थे कि कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी है. मुझे इसमें कोई आश्चर्य नहीं हुआ. मैं सिर्फ यह पूछना चाहता हूं कि उनकी पार्टी सिर्फ मुस्लिम पुरुषों की है या मुस्लिम महिलाओं की भी है? ये लोग संसद में कानून दबाकर बैठ जाते हैं."


2019 के अभियान के लिए बीजेपी ने हर राज्य की क्षेत्रीय पार्टी के लिए अलग स्ट्रैटेजी तैयार करने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी को रोकने की भी योजना बनाई है. पिछले दिनों मुस्लिम समुदाय के स्कॉलर्स के राहुल गांधी की मुलाकात का बीजेपी ने पूरा फायदा उठाया और कांग्रेस पर मुस्लिमों के तुष्टिकरण का आरोप लगाया. इसके साथ ही मुस्लिम समुदाय में भी लिंग के आधार पर एक लकीर खींच दी. इससे पार्टी को उम्मीद है कि तीन तलाक और निकाह हलाला पर बीजेपी के रुख को देखते हुए मुस्लिम महिलाओं का एक तबका बीजेपी का समर्थन करेगा.

बीजेपी को अच्छी तरह पता है कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है. यूपी में 80 लोकसभा सीटें हैं. ऐसे में बीजेपी के विकास और ब्रांड मोदी की रणनीति के तहत इस साल पीएम मोदी राज्य में कई और दौरे कर सकते हैं.

पीएम मोदी रविवार 21 जून को मिर्जापुर दौरे पर रहेंगे. वहीं 29 जुलाई को शाहजहांपुर में वह किसान रैली को संबोधित करेंगे. इसके साथ ही वह लखनऊ में 50 हजार करोड़ की विकास योजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे.
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