लाइव टीवी

जम्मू-कश्मीर के पूर्व CM उमर अब्दुल्ला 8 महीने बाद हुए रिहा, कहा- बहुत कुछ बोलना था लेकिन...

News18Hindi
Updated: March 24, 2020, 3:45 PM IST
जम्मू-कश्मीर के पूर्व CM उमर अब्दुल्ला 8 महीने बाद हुए रिहा, कहा- बहुत कुछ बोलना था लेकिन...
रिहाई के बाद उमर अब्दुल्ला/ Photo posted by former J&K CM Omar Abdullah (Twitter/@OmarAbdullah)

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) पर से जनसुरक्षा कानून (पीएसए) हटा लिया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2020, 3:45 PM IST
  • Share this:
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला (Omar Abudllah) मंगलवार को रिहा कर दिये गए. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर से जनसुरक्षा कानून (पीएसए) हटा लिया गया है. बता दें कि अब्दुल्ला बीते साल 4-5 अगस्त की रात से ही नजरबंद थे. 5 अगस्त 2019 को राज्य से अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए के अधिकतर प्रावधान रद्द करने संबंधी विधेयक राज्यसभा में पेश किये गए थे.

रिहा होने के बाद अब्दुल्ला अस्थायी केंद्र से अपने आवास चले गए. इस दौरान मीडिया से बातचीत में अब्दुल्ला ने कहा- 'ज़िंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं. हम से पैगाम सबको दे रहे हैं कि हमें सामाजिक दूरी रखनी चाहिए,लेकिन हम क्या सबक दें लोगों को जब हम खुद उस पर काम करने के लिए तैयार ​नहीं हैं.'

मुझे अहसास हुआ कि हम जिंदगी और मौत से लड़ रहे....
अब्दुल्ला ने कहा- 'एक राज्य के रूप में जम्मू-कश्मीर दो केंद्र शासित प्रदेशों में टूट गया. महीनों तक, लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, बच्चे स्कूल नहीं जा सकते, दुकानदार कमा नहीं सकते. कई क्षेत्रों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. लोग अपने घरों तक ही सीमित थे. मैंने सोचा था कि मैं स्थिति के बारे में बहुत कुछ बोलूंगा, लेकिन आज मुझे अहसास हुआ कि हम जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं. मैं खुलकर इस बारे में बात करूंगा कि हमारे, हमारे राज्य के साथ क्या किया गया है.' इस दौरान अब्दुल्ला ने पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती की रिहाई की मांग भी की.



बता दें अब्दुल्ला की बहन सारा अब्दुल्ला पायलट ने सुप्रीम कोर्ट में उनकी रिहाई के लिए याचिका दायर की थी. इस पर 18 मार्च को सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था- 'यदि आप उन्हें रिहा कर रहे हैं तो जल्द कीजिए अन्यथा हम इस मामले की गुणदोष के आधार पर सुनवाई करेंगे.'



रिहा किये जा चुके हैं फारूक अब्दुल्ला
जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अधिवक्ता से कहा था कि अगर अब्दुल्ला को शीघ्र रिहा नहीं किया गया तो वह इस नजरबंदी के खिलाफ उनकी बहन सारा अब्दुल्ला पायलट की बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करेंगे.

इसी दौरान उमर के पिता फारूक अब्दुल्ला को 4 अगस्त 2019 की रात को नजरबंद किया गया था. अगले ही दिन जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा लिया गया था. 15 सितंबर से उन्हें जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में रखा गया था. उनकी हिरासत अवधि तीन-तीन महीने बढ़ाने के आदेश तीन बार जारी हुए. पिछला आदेश 11 मार्च को ही जारी हुआ था. बीते दिनों सरकार ने इसे भी वापस ले लिया और वह भी रिहा किये गये.

(भाषा इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें-

कंधार कांड में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व रॉ चीफ का दावा- मेरी वजह से रिहा हुए फारूक अब्दुल्ला

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 24, 2020, 10:51 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading