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अगर विदेशी हस्तियों ने समर्थन किया तो क्या परेशानी है, मैं उन्हें नहीं जानता: टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत.
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत.

Farmer Protest: जब टिकैत को बताया गया कि अमेरिकी पॉप गायिका रिहाना, वयस्क फिल्मों की कलाकार मिया खलीफा, स्वीडन की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थमबर्ग ने समर्थन किया है तो सिसौली में जन्में किसान नेता ने कहा, ‘‘मुझे क्या पता, करा होगा, मैं क्या जानू उन्हें!’’

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गाजियाबाद. केंद्र के तीन कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय हस्तियों से मिल रहे समर्थन के बारे में पूछे जाने पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने अपने ही अंदाज में कहा, ‘‘मुझे क्या पता, करा होगा, मैं क्यों उन्हें जानू.’’ पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले टिकैत ने हालांकि, रिहाना, ग्रेटा थनबर्ग सहित अंतरराष्ट्रीय कलाकारों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा उनके आंदोलन को समर्थन देने का स्वागत किया लेकिन साथ ही कहा कि वह उन्हें नहीं जानते.

दिल्ली में गणतंत्र दिवस को हुई हिंसा के बाद कमजोर पड़े किसान आंदोलन को फिर से ताकत देने का श्रेय प्राप्त टिकैत ने दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा गाजीपुर बॉर्डर पर मीडिया से बातचीत में समर्थन करने वाले विदेशी हस्तियों के प्रति अनभिज्ञता जताई.

उन्होंने कहा, ‘‘ कौन हैं ये विदेशी कलाकार?’’



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रिहाना, मिया खलीफा, और ग्रेटा के ट्वीट पर दिया ये जवाब
जब टिकैत को बताया गया कि अमेरिकी पॉप गायिका रिहाना, वयस्क फिल्मों की कलाकार मिया खलीफा, स्वीडन की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थमबर्ग ने समर्थन किया है तो सिसौली में जन्में किसान नेता ने कहा, ‘‘मुझे क्या पता, करा होगा, मैं क्या जानू उन्हें!’’

उन्होंने कहा, ‘‘ कोई विदेशी अगर समर्थन कर रहा है तो क्या दिक्कत है, कुछ ले-दे थोड़ी न रहा है.’’

गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों से मिलने की असफल कोशिश करने वाले 15 संसद सदस्यों के बारे में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि सांसद अवरोधक के दूसरी ओर जमीन पर बैठे क्योंकि दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया था. उन्होंने कहा, ‘‘ बैरिकेडिंग लगा रखी है इैन्घै. उन्हें आणा था, वे वहीं बैठ जाते. वे उन्घै बैठ जाते, हम इैन्घै बैठे थे .’’

टिकैत ने बताया कि उन्होंने गाजीपुर मिलने आने की कोशिश करने वाले 15 सांसदों में से किसी से बात नहीं की, उन्हें प्रदर्शनकारियों से बात नहीं करने दी गई.
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