सोशल मीडिया पर ISRO ने लीक से हटकर बनाया प्‍लान, खींचा दुनिया का ध्‍यान

News18Hindi
Updated: September 7, 2019, 3:51 PM IST

भारतीय अंतरक्षि अनुसंधान संगठन (ISRO) ने पिछले कुछ महीनों में अभियान चलाकर आम आदमी का ध्‍यान अपने काम की ओर खींचा. ऐसे कुछ काम के लिए संगठन ने प्राइवेट एजेंसी और वेंडर्स की भी मदद ली.

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  • Last Updated: September 7, 2019, 3:51 PM IST
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बेंगलुरु. चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2)के विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग भले सफलतापूर्वक नहीं हो पाई. लेकिन पूरी दुनिया में इस मिशन के लिए इसरो (ISRO) की तारीफ हो रही है. इस मिशन की कामयाबी के लिए इसरो में वर्षों से वैज्ञानिक इस पर मेहनत कर रहे थे. इधर इस अभियान से आम लोगों को जोड़ने के लिए भी इसरो ने इस बार खास तैयारी की थी.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने मिशन चंद्रयान-2 को लेकर हर पल का उत्‍साह आम लोगों के साथ साझा किया. इसके लिए उसने लीक से हटकर प्‍लान बनाया. इसरो लाखों भारतीयों को अपने साथ जोड़ने के लिए सोशल मीडिया (Social Media) पर क्विज, फोटो, मिशन के वास्‍तविक फुटेज, कार्टून साझा किए. सोशल मीडिया पर इसरो की सक्रियता को देखकर आप सोचने पर मजबूर हो सकते हैं कि क्‍या यह वही पुराने तौर-तरीकों पर चलने वाला सरकारी संगठन है. इसरो ने मंगल अभियान (MOM) के दौरान लोगों से इंट्रैक्‍ट करने के लिए अपना आधिकारिक टि्वटर हैंडल (Official Twitter Handle) बनाया था.

इसरों ने आम लोगों के लिए खोले अपने परिसरों के दरवाजे
इसरो ने मिशन चंद्रयान-2 के दौरान एक कदम आगे बढ़ाते हुए युवाओं के साथ क्विज के जरिये ऑनलाइन इंट्रैक्‍शन शुरू किया. कई राज्‍यों के स्‍कूली बच्‍चों ने इसरो को कार्ड्स भेजे. इसके अलावा ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन कराने वाले लोगों के लिए इसरो ने अपने परिसरों के दरवाजे खोल दिए. साथ ही आम लोगों की मौजूदगी में लॉन्चिंग की व्‍यवस्‍था की. इससे लोगों को इसरो के काम के बारे में ज्‍यादा से ज्‍यादा समझने का मौका मिला. संगठन ने पिछले कुछ महीनों में अभियान चलाकर आम लोगों का ध्‍यान अपने काम की ओर खींचा. इसके लिए कुछ प्राइवेट एजेंसी और वेंडर्स की भी मदद ली गई. वहीं, संगठन के कर्मचारियों ने भी इसमें मदद की.

पीआर टीम को आइडिएशन में दूसरी टीमों से भी मिली मदद
इसरो की जनसंपर्क टीम (PR Team) को आइडिएशन में दूसरी टीम के लोगों की मदद भी मिली. उन्‍होंने पीआर टीम को बताया कि आम लोगों को कैसे इसरो के काम के बारे में आसान भाषा और तरीकों से समझाया जा सकता है. इसरो के एक अधिकारी ने बताया कि जब चंद्रयान-2 जैसा बड़ा मौका होता है तो इसकी व्‍यवस्‍था करने वाली टीम के लोगों के लिए काम थोड़ा मुश्किल हो जाता है. ऐसे में हमने दूसरी टीमों से मदद लेकर गतिविधियों को अंजाम तक पहुंचाने का फैसला किया. इसरो का हर सदस्‍य आइडिएशन का हिस्‍सा है.

प्राइवेट एजेंसियों और प्रोफेशनल आर्टिस्‍टस की ली गई मदद
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अधिकारी ने News18 को बताया कि आइडियाज के क्रियान्‍वयन के लिए प्राइवेट एजेंसियों और प्रोफेशनल आर्टिस्‍ट्स की मदद ली गई. ज्‍यादातर रणनीति इसरो के लोग ही बनाते हैं. फैसला किया गया कि इसे एकतरफा व्‍यवहार न रखते हुए दोतरफा संवाद के तौर पर लागू करने का भरसक प्रयास किया जाएगा. नतीजा यह निकला कि इससे हमें हजारों-लाखों युवाओं के विचार जानने का मौका मिला और उन्‍हें इसरो का काम समझने का मौका मिला. बड़ी संख्‍या में स्‍कूली बच्‍चों ने इसरो के कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं में शिरकत की. साफ है कि हमारा प्रयास काफी हद तक सफल हुआ.

 

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First published: September 6, 2019, 5:35 PM IST
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