लाइव टीवी
Elec-widget

महाराष्ट्र पर सुप्रीम कोर्ट में सभी पक्षों की दलील पूरी, कल 10:30 बजे तक के लिए फैसला सुरक्षित

News18Hindi
Updated: November 25, 2019, 2:07 PM IST
महाराष्ट्र पर सुप्रीम कोर्ट में सभी पक्षों की दलील पूरी, कल 10:30 बजे तक के लिए फैसला सुरक्षित
महाराष्‍ट्र में सरकार गठन पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई

महाराष्ट्र में सरकार गठन के मामले पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई शुरू होते ही केंद्र की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सभी दस्तावेज पेश किए. तुषार मेहता ने राज्यपाल को दी गई चिट्ठी में एनसीपी के 54 विधायकों के हस्ताक्षर हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 25, 2019, 2:07 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीजेपी (BJP) के सरकार गठन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले के सभी पक्षों की दलील पूरी हो गई, जिसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई  मंगलवार सुबह 10:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. उम्मीद की जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट कल इस पर फैसला सुना सकता है.

न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष शिवसेना की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके गठबंधन के पास 154 विधायकों के हलफनामे हैं और भाजपा को 24 घंटे के भीतर अपना बहुमत सिद्ध करने के लिए कहा जाना चाहिए, अगर उसके पास है.



केंद्र ने पीठ से कहा कि 23 नवंबर को सबसे बड़े दल को सरकार गठित करने के लिए आमंत्रित करना राज्यपाल का विवेकाधिकार था. सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल को सरकार गठित करने के लिए घूम-घूमकर यह पता लगाने की आवश्यकता नहीं है कि किस दल के पास बहुमत है. उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि क्या कोई दल यहां आकर 24 घंटे के भीतर बहुमत सिद्ध करने के लिए न्यायालय से हस्तक्षेप का अनुरोध कर सकता है. मेहता ने कहा कि राज्यपाल चुनाव के नतीजों के बाद के तथ्यों और स्थिति से भलीभांति अवगत थे जिनकी वजह से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा.
Loading...

इसे भी पढ़ें :- महाराष्ट्र पर संसद में भी संग्राम : लोकसभा में राहुल बोले- लोकतंत्र की हत्या हुई, सवाल पूछने का अब मतलब नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के पत्र को देखा
शीर्ष अदालत ने फडणवीस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने संबंधी राज्यपाल कोश्यारी के पत्र का अवलोकन किया और फिर कहा कि यह निर्णय करना होगा कि क्या मुख्यमंत्री के पास सदन में बहुमत का समर्थन है या नहीं. सालिसिटर जनरल ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल ने शिवसेना, भाजपा, राकांपा को सरकार गठित करने के लिए आमंत्रित किया था और इनके कामयाब नहीं होने के बाद ही प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया गया.

इसे भी पढ़ें :- महाराष्ट्र के मुद्दे पर संसद में हंगामा, कांग्रेस सदस्यों और मार्शलों के बीच हुई धक्का-मुक्की

'अस्तबल से घुड़सवार ही भागा है, घोड़े वहीं के वहीं हैं'
सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना का पक्ष रखते हुए कपिल सिब्बल ने हॉर्स ट्रेडिंग पर जवाब देते हुए कहा कि अस्तबल से सिर्फ घुड़सवार ही भागा है, घोड़े वहीं के वहीं हैं. सिब्बल ने कहा- हमारे पास 154 विधायकों के समर्थन का हवाला है. वहीं, एनसीपी और कांग्रेस की तरफ से पेश हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि महाराष्ट्र में लोकतंत्र की हत्या हुई है. हमारी मांग है कि 24 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट कराया जाए. सिब्बल ने कहा, ऐसी कौन सी राष्ट्रीय आपदा थी कि सवेरे 5.27 मिनट पर राष्ट्रपति शासन खत्म कर दिया गया. उन्होंने राष्ट्रपति शासन हटाने की कथित जल्दबाजी और नई सरकार के गठन का जिक्र किया और कहा कि लोकतांत्रिक इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.

इसे भी पढ़ें :- अजित पवार ही हैं NCP, वकील के दावे पर सुप्रीम कोर्ट में लगे ठहाके

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 25, 2019, 12:00 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com