सर्वे: एक साल में रिश्वत देकर काम कराने वाले लोगों की संख्या में 11 फीसदी का इजाफा

सर्वे में ज़मीन की रजिस्ट्री जैसे कामों के लिए सबसे ज़्यादा 30 प्रतिशत लोगों ने सरकारी कर्मचारियों को घूस देने का दावा किया है.

News18Hindi
Updated: October 11, 2018, 11:36 PM IST
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Updated: October 11, 2018, 11:36 PM IST
देश में करप्शन दूर करने के नाम पर चुनाव लड़े और जीते जाते हैं, लेकिन तमाम वादों और दावों के बाद भी देश में करप्शन कम होने की बजाय बढ़ रहा है. 'Transparency International India' के एक सर्वे में चौंकाने वाली ये जानकारी सामने आई है.

Transparency International India' के 'इंडिया करप्शन सर्वे 2018' के मुताबिक, देश में रिश्वत देकर काम कराने वाले लोगों की संख्या में 11 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ है. यानी सरकारी महकमों में घूस लेकर काम का चलन बढ़ा है.

सर्वे में बताया गया कि 2017 में 45 प्रतिशत लोगों ने रिश्वत देने की बात कबूल की थी. लेकिन इस साल अपना काम कराने के बदले रिश्वत देने वालों का आंकड़ा बढ़कर 56 प्रतिशत पर पहुंच गया. सर्वे में ज़मीन की रजिस्ट्री जैसे कामों के लिए सबसे ज़्यादा 30 प्रतिशत लोगों ने सरकारी कर्मचारियों को घूस देने का दावा किया है.

रिश्वतखोरी के मामले में पुलिस महकमा दूसरे नम्बर पर है क्योंकि सर्वे में शामिल 25 प्रतिशत लोगों ने बताया कि पुलिस से जुड़े कामकाज के लिए उनको घूस देनी पड़ी. वहीं 18 प्रतिशत लोगों ने नगर निकायों से जुड़े काम के बदले रिश्वत देने की बात कबूल की.

इस सर्वे में 18 प्रतिशत लोग ऐसे भी रहे, जिन्होंने बिना रिश्वत दिए काम करवाने का दावा किया. सरकारी महकमों में मौजूद करप्शन को लेकर कराए गए इस सर्वे में 215 ज़िलों के 50 हज़ार लोगों को शामिल किया गया था.

सर्वे में ज्यादातर लोगों ने भ्रष्टाचार मिटाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कोशिशों को नाकाफ़ी बताया है. जबकि 91 फीसदी लोगों ने राज्यों में एंटी करप्शन हेल्पलाइन के नहीं होने या उसके बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही है.

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