ब्रिक्स देशों को आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष तेज करने की जरूरत: ओम बिरला

ओम बिरला (Loksabha Speaker Om Birla) ने मंगलवार को ब्रिक्स संसदीय फोरम की बैठक को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया.
ओम बिरला (Loksabha Speaker Om Birla) ने मंगलवार को ब्रिक्स संसदीय फोरम की बैठक को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया.

ओम बिरला (Loksabha Speaker Om Birla) ने ये भी कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते सांसद मूकदर्शक नहीं बने रह सकते. उन्हें आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होना चाहिए.

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  • Last Updated: October 28, 2020, 4:48 PM IST
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नई दिल्ली. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Loksabha Speaker Om Birla) ने मंगलवार को ब्रिक्स संसदीय फोरम की बैठक को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया. इस दौरान बिरला ने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है. ब्रिक्स के सदस्य देशों को इसके खिलाफ अपने सामूहिक संघर्ष को तेज करने की जरूरत है.

ओम बिरला ने ये भी कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते सांसद मूकदर्शक नहीं बने रह सकते. उन्हें आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होना चाहिए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद से जुड़ी सभी गतिविधियों के लिए मिलने वाली धनराशि पर तत्काल रूप से रोक लगनी चाहिए. आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के पनपने के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों पर ध्यान दिए जाने और उनका यथाशीघ्र समाधान किए जाने की आवश्यकता है.

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लोकसभा स्पीकर ने इस बात पर बल दिया कि ब्रिक्स के सदस्य देशों की संसदों को आतंकवाद को समाप्त करने संबंधी संधियों और समझौतों के समर्थन में अपने सामूहिक संकल्प को बल प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का उपयोग करना चाहिए.


बिरला ने कहा कि कोविड –19 महामारी के कारण लाखों निर्दोष लोगों की दु:खद मृत्यु हुई है, गंभीर आर्थिक चुनौतियां पैदा हुई हैं और सामान्य जनजीवन अस्त - व्यस्त हो गया है. उन्होंने यह भी कहा कि यह ऐसा समय है जबकि वैश्विक एकता और सहयोग की सबसे अधिक आवश्यकता है. बिरला ने कहा कि ब्रिक्स के सदस्य देशों के बीच आपसी मतभेद होने के बावजूद एक न्यायसंगत और भेदभाव-रहित विश्व जहां गरीबी, भुखमरी और बीमारी के लिए कोई स्थान न हो और जहां प्रत्येक मनुष्य को जन्म से ही समान अवसर प्राप्त हों, यह हमारा साझा सपना है.

उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिक्स के सदस्य देशों को यह सुनिश्चित करना है कि इस वैश्विक महामारी के कारण सतत विकास लक्ष्य एजेंडा, 2030 को प्राप्त करने के मार्ग में कोई संकट पैदा न हो और वे भुखमरी, गरीबी का पूरी तरह से उन्मूलन करने और एक समावेशी तथा न्यायसंगत विश्व की स्थापना करने के अपने उद्देश्य की दिशा में एकसाथ मिलकर कार्य करते रहें.
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