झूला पुल बनाने में 'फेल' हुई कंपनी पर क्‍यों मेहरबान है राज्‍य सरकार!

जिस कम्पनी से एक झूला पुल तैयार नहीं हो पाया. आज राज्य सरकार इस कम्पनी पर इतनी मेहरबान है कि उसे तीन प्रोजेक्‍ट सौंप दिए हैं.

satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: August 11, 2019, 6:54 PM IST
झूला पुल बनाने में 'फेल' हुई कंपनी पर क्‍यों मेहरबान है राज्‍य सरकार!
केंद्र सरकार के उपक्रम ब्रिज एंड रूफ कंपनी उत्‍तराखंड सरकार ने दिए कई प्रोजेक्‍ट.
satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: August 11, 2019, 6:54 PM IST
राज्य में जो कंपनी एक छोटे से झूला पुल बनाने में असमर्थ दिखी उसी कम्पनी पर अब सरकार महेरबानी क्यों है. जी हां, साल 2013 की भीषण आपदा के दौरान हेमकुंड साहिब मार्ग पर लक्ष्मण गंगा नदी पर बने दो झूला पुल बह बह गए थे. इसके बाद साल 2015 में लोक निर्माण विभाग ने दो अस्थाई पुलों का निर्माण किया था और उन्‍हीं पर आज भी हेमकुंड के लिए आवाजाही जारी है. वर्ष 2016 में 20.17 करोड़ का झूला पुल स्वीकृत किया गया. इस पुल के निर्माण का ठेका उत्‍राखंड शासन ने केंद्र सरकार के उपक्रम ब्रिज एंड रूफ कंपनी को दिया. पुल लगभग तैयार हो चुका था, लेकिन 21 जुलाई 2018 को पुल के आर-पार दोनों टावर झुक गए, जिससे पुल नीचे नदी में गिर गया था.

बहरहाल, जिस कम्पनी से हेमकुंड साहिब मार्ग पर तीन साल से पैदल आवाजाही के लिए 135 मीटर लंबा झूला पुल नहीं बन पाया था और दिलचस्प बात यह है कि यह पुल बनते-बनते ही टूट गया था. तकनीकी का कमाल कि पुल हैंडओवर होने से पहले ही धराशाही हो गया था. आलम यह है कि यह झूला पुल आज भी पूरा नहीं बन पाया है. यकीनन इससे कंपनी की कार्यप्रणाली और क्वालटी का अंदाजा लगाया जा सकता है.

कंपनी पर मेहरबान है सरकार
जिस कंपनी से एक झूला पुल तैयार नहीं हो पाया. आज राज्य सरकार इस कम्पनी पर इतनी मेहरबान है कि हाल ही में उसने देहरादून के भीमावाला ओर हरिद्वार के रामपुर चुंगी मंडी के पास निर्माणाधीन पुलों को लोक निर्माण विभाग और एनएच से छीनकर दिल्ली की इसी ब्रिज और रूफ कंपनी को सौंप दिया. ऐसे में सवाल उठने लाजमी है कि जिस कंपनी का पुल निर्माण के दौरान ही टूट गया, वह इन पुलों को कितनी मजबूती से निर्माण करेगी.

लोकनिर्माण विभाग ने कही ये बात
इस मामले में लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता डीएस रावत का कहना है कि पिछले साल कार्य के दौरान दोनों टावर झुक गए. अब दोबार पुल का रि-डिजाइन बनाकर तेजी से निर्माण किया जा रहा है. पुल का निर्माण ब्रिज एंड रूफ कंपनी कर रही है और जल्द से जल्द कार्य पूरा करने लिए कंपनी को निर्देश दिए गए हैं.

सरकार ने अस्‍पताल का दिया टेंडर
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मामला यहीं तक नहीं थमा. कुछ दिन पहले सरकार ने इसी कम्पनी को हर्रावाला में निर्माणाधीन जच्चा-बच्चा अस्पताल का टेंडर भी सौंप दिया. जबकि इस अस्पताल का काम पहले जल निगम को मिला था. आखिर ऐसा क्या है कम्पनी में जिसे राज्य की कार्यदाई सस्थाओं से काम छीन कर दिया जा रहा हैं, जो राज्य में एक झूला पुल तक नहीं बना पा रही है.

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First published: August 11, 2019, 6:52 PM IST
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