• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • LAC पर झड़प के बाद तनाव कम करने की कोशिश, भारत और चीन में ब्रिगेड कमांडर स्तरीय वार्ता

LAC पर झड़प के बाद तनाव कम करने की कोशिश, भारत और चीन में ब्रिगेड कमांडर स्तरीय वार्ता

ब्रिगेड कमांडर-स्तरीय वार्ता पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारतीय क्षेत्र में चुशूल में सुबह 10 बजे शुरू हुई (फाइल फोटो)

ब्रिगेड कमांडर-स्तरीय वार्ता पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारतीय क्षेत्र में चुशूल में सुबह 10 बजे शुरू हुई (फाइल फोटो)

भारतीय सेना ने सोमवार को कहा था कि चीनी सेना (Chinese Army) ने 29 और 30 अगस्त की दरम्यानी रात पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में उकसावे की कार्रवाई करते हुए पैंगोंग झील (Pagong Tso) के दक्षिण में एकतरफा तरीके से यथास्थिति बदलने की कोशिश की. लेकिन भारतीय सैनिकों (Indian Soldiers) ने उसे नाकाम कर दिया.

  • Share this:
    नई दिल्ली. भारत और चीन (China) ने पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे (South Bank of Pagong Tso Lake) पर दोनों पक्षों के बीच ताजा टकराव से उत्पन्न तनाव को कम करने के लिए मंगलवार को एक और दौर की सैन्य वार्ता (Military Talks) की. सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ब्रिगेड कमांडर-स्तरीय वार्ता (Brigade commander-level talks) पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय क्षेत्र में चुशूल में सुबह 10 बजे शुरू हुई. बैठक अभी चल रही है. बैठक का विशिष्ट एजेंडा (Specific agenda) पैंगोंग झील के आसपास की स्थिति पर चर्चा है.

    भारतीय सेना ने सोमवार को कहा था कि चीनी सेना (Chinese Army) ने 29 और 30 अगस्त की दरम्यानी रात पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में उकसावे की कार्रवाई करते हुए पैंगोंग झील (Pagong Tso) के दक्षिण में एकतरफा तरीके से यथास्थिति बदलने की कोशिश की. लेकिन भारतीय सैनिकों (Indian Soldiers) ने उसे नाकाम कर दिया. सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्षों ने सोमवार को करीब छह घंटे तक बातचीत की, लेकिन उसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. उन्होंने कहा कि कि क्षेत्र (Area) पर कब्जा करने के प्रयास के तहत बड़ी संख्या में चीनी सैनिक पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे (South Bank) की ओर बढ़ रहे थे. करीब साढ़े तीन महीने से चल रहे सीमा विवाद (Border dispute) को हल करने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है.

    इससे पहले दोनों पक्षों के बीच पैंगोंग झील के उत्तरी तट पर था टकराव
    उन्होंने कहा कि इससे पहले दोनों पक्षों के बीच पैंगोंग झील के उत्तरी तट पर टकराव था, लेकिन यह पहला मौका है जब इस तरह की घटना दक्षिणी तट पर हुई. चीन की कोशिश के बाद भारतीय सेना ने झील के आसपास कई सामरिक स्थानों पर अपनी उपस्थिति बढ़ा दी है. इसके अलावा क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति को और अधिक बढ़ा दिया है.

    क्षेत्र में विशेष सीमा बल की एक बटालियन भी तैनात की गई थी. समझा जाता है कि थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे ने सेना मुख्यालय में एक उच्च-स्तरीय बैठक में पूर्वी लद्दाख की समग्र स्थिति की समीक्षा की. सूत्रों ने कहा कि वायु सेना को पूर्वी लद्दाख में एलएसी के पास चीन की बढ़ती हवाई गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने के लिए भी कहा गया है.

    गलवान घाटी में 15 जून को हुई झड़प के बाद यह पहली बड़ी घटना
    ऐसी खबरें हैं कि चीन ने होतन एयरबेस में लंबी दूरी की क्षमता वाले जे-20 युद्धक विमान और अन्य साजोसामान तैनात किए हैं. यह बेस पूर्वी लद्दाख से करीब 310 किलोमीटर दूर है. भारतीय वायुसेना ने पिछले तीन महीनों में अपने सभी महत्वपूर्ण युद्धक विमानों जैसे सुखोई 30 एमकेआई, जगुआर और मिराज 2000 विमान पूर्वी लद्दाख में प्रमुख सीमावर्ती हवाई ठिकानों और एलएसी के पास तैनात किए हैं.

    यह भी पढ़ें:- रिया चक्रवर्ती 12 जून को थीं सुशांत के घर? इन तस्वीरों ने उठाए सवाल

    गलवान घाटी में 15 जून को हुई झड़प के बाद यह पहली बड़ी घटना है. गलवान घाटी में हुई झड़प में भारत के 20 सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए थे. इस झड़प में चीन के सैनिक भी मारे गए, लेकिन उसने इस संबंध में अब तक जानकारी साझा नहीं की है. अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ झड़प में चीन के 35 सैनिक मारे गए थे.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज