ब्रिटेन ने कोविशील्‍ड की दो डोज के बीच का अंतर फिर किया कम, भारत में भी विशेषज्ञों ने की मांग

कोविशील्‍ड कोरोना वैक्‍सीन की दो डोज के बीच के अंतर को जल्‍द कम कर सकती है सरकार. (फाइल फोटो)

COVID-19 Vaccination: भारत की कोरोनावायरस टीकाकरण रणनीति को संभालने वाले विशेषज्ञों ने भी अब सरकार से मांग की है कि कोरोना से प्रभावित होने वाले कमजोर समूहों के बीच कोविशील्‍ड वैक्‍सीन के अंतर को कम करने की जरूरत है.

  • Share this:
    नई दिल्‍ली. कोरोना (Corona) के बढ़ते मामलों के बीच कोविड-19 वैक्‍सीन (Vaccine) की दो डोज के बीच के अंतर को लेकर बहस तेज हो गई है. दरअसल दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस के डेल्‍टा वेरिएंट (Delta Variant) को देखते हुए ब्रिटेन ने कोविशील्‍ड (Covishield) की दो खुराक के बीच के अंतर को एक बार फिर कम कर दिया है और भारत से भी इस अंतर को कम करने को कहा है. भारत की कोरोनावायरस टीकाकरण रणनीति को संभालने वाले विशेषज्ञों ने भी अब सरकार से मांग की है कि कोरोना से प्रभावित होने वाले कमजोर समूहों के बीच कोविशील्‍ड वैक्‍सीन के अंतर को कम करने की जरूरत है. बता दें हाल में जिस तरह की रिपोर्ट सामने आई है उसके मुताबिक कोरोना की दोनों डोज जिन लोगों को लगाई जा चुकी है उनके अस्‍पताल में भर्ती होने की संख्‍या बेहद कम है.

    बता दें कि भारत ने ब्रिटेन से मिले आंकड़ों का हवाला देते हुए 13 मई को कोविशील्‍ड वैक्‍सीन लेने वाले लोगों के लिए दूसरी खुराक के अंतर को न्यूनतम छह से 12 सप्ताह तक बढ़ा दिया. हालांकि तीन दिन पहले ही ब्रिटेन ने कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के गंभीर खतरे की जानकारी दी है. ब्रिटेन में वायरस की गंभीरता को देखते हुए 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के कोरोना वैक्‍सीन की दो डोज के बीच के अंतर को 12 से घटाकर 8 सप्‍ताह कर दिया है.

    सोमवार को यूके ने अस्‍पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की रिपोर्ट पेश करते हुए कहा, जिन लोगों को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की दोनों खुराकें दी जा चुकी है उनके अस्‍पताल में भर्ती होने का संभावना 92% तक कम रही जबकि जिन लोगों ने सिर्फ एक खुराक ली थी वह अस्‍पताल में भर्ती मरीजों की तुलना में 71 प्रतिशत तक सुरक्षित थे. इस रिपोर्ट को देखने के बाद ही यूके में 40 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए खुराक के बीच के अंतर को कम कर दिया गया.

    इसे भी पढ़ें :- क्या है भारत के कोरोना टीकाकरण में शामिल वैक्सीन के पीछे का विज्ञान, कैसे शरीर में करता है काम

    कोरोना वायरस के डेल्‍टा वेरिएंट को देखते हुए अब भारत के भी कई विशेषज्ञों ने सरकार से कोरोना वैक्‍सीन की दो डोज के बीच के अंतर को कम करने पर विचार करने को कहा है. बता दें कि विशेषज्ञों की सलाह पर अब सरकार ने कोविशील्‍ड वैक्‍सीन की दो डोज के बीच के अंतर को कम करने पर विचार शुरू कर दिया है. बता दें कि जब वैश्विक और राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों की बात आती है तो राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की राय को भी सबसे अहम माना जाता है. कोविशील्‍ड की दो डोज के बीच के अंतर को कम करने पर अब एनटीएजीआई ही अपनी राय सरकार के सामने रखेगी. उसके बाद ही इस पर कोई विचार होगा.

    इसे भी पढ़ें :- केंद्र के लिए महंगी हो सकती है कोविड वैक्सीन! कीमतों पर कंपनियों से मोलभाव करेगी सरकार

    सरकार ने कहा था कि अभी इस संबंध में हड़बड़ी की जरूरत नहीं है
    कोविशील्‍ड की दो खुराक के बीच के अंतराल को कम करने की मांग पर सरकार की ओर से सफाई देते हुए कहा गया था कि अभी इस संबंध में हड़बड़ी करने की जरूरत नहीं है. केंद्र सरकार की ओर से साफ किया गया है कि कोरोना वैक्‍सीन की दोनों डोज के बीच का अंतराल कम करने से पहले हमें कुछ वैज्ञानिक शोध की जरूरत होगी. नीति आयोग के सदस्‍य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने कहा कोरोना वैक्‍सीन कोविशील्‍ड को लेकर ब्रिटेन में जिस तरह की रिपोर्ट सामने आई है उसे देखने के बाद हमें तुरंत कोई कदम उठाने से बचना चाहिए. हमें इस तरह की चिंताओं पर संतुलित रुख रखने की जरूरत है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.