'12 युद्धपोत, 4500 से ज्यादा जवान...' भारतीय नौसेना और ब्रिटेन का संयुक्त सैन्याभ्यास 22 जुलाई से

ब्रिटेन में निर्मात हुए 65 हजार टन वजनी इस युद्धपोत की लंबाई नियाग्रा फॉल से भी ज्यादा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

India-UK Navy Exercise: 22-23 जुलाई को होने वाले इस अभ्यास में 12 युद्धपोत, 30 से ज्यादा लड़ाकू विमान, दो पनडुब्बियां और 4500 से ज्यादा जवान भाग लेंगे. खास बात यह है कि एलिजाबेथ सीएसजी पहली बार F-35B के साथ समुद्री यात्रा पर निकला है.

  • Share this:
    नई दिल्ली. भारतीय नौसेना (Indian Navy) के साथ अभ्यास के लिए ब्रिटेन (Britain) से क्वीन एलिजाबेथ स्ट्राइक ग्रुप (Queen Elizabeth CSG) की एंट्री हो गई है. दोनों सेनाएं सालाना कोंकण अभ्यास में हिस्सा लेंगी. क्वाड और हिंद-प्रशांत महासागर के लिहाज से भी सेनाओं का यह कदम काफी अहम है. भारत के अलावा महासागर में ब्रिटेन का यह समूह जापान (Japan), दक्षिण कोरिया (South Korea), न्यूजीलैंड (Newzealand) और ऑस्ट्रेलिया (Australia) की नौसेनाओं के साथ भी अभ्यास करेगा. अनुमान है कि भारत के साथ यह अभ्यास बंगाल की खाड़ी में होगा. इसके बाद समूह साउथ चाइना सी का रुख करेगा.

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार 22-23 जुलाई को होने वाले इस अभ्यास में 12 युद्धपोत, 30 से ज्यादा लड़ाकू विमान, दो पनडुब्बियां और 4500 से ज्यादा जवान भाग लेंगे. खास बात यह है कि एलिजाबेथ सीएसजी पहली बार F-35B लड़ाकों के साथ समुद्री यात्रा पर निकला है. इन प्रयासों के जरिए ब्रिटेन ने हिंद-प्रशांत महासागर में अपने दो गश्ती नौकाओं को स्थायी रूप से तैनात करने का फैसला किया है. यूके ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि समुद्र में नेविगेशन और कानून के शासन को सुनिश्चित किया जा सके.

    हिंद-प्रशांत महासागर में अपनी यात्रा पूरी करने के बाद एलिजाबेथ सीएसजी भारतीय सेना की तीनों सेवाओं के साथ अरब सागर में गोवा के तट पर अभ्यास करेगा. कारवार बंदरगाह पर ये अभ्यास 21 से 23 अक्टूबर के बीच होंगे. साथ ही सीएसजी एलिजाबेथ कारवार और मुंबई के बंदरगाहों पर भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ पहुंचेगी.

    यह भी पढ़ें: सैन्य अभ्यास के लिए भारत पहुंचा UK का सबसे बड़ा युद्धपोत, नियाग्रा फॉल से भी ज्यादा है इसकी लंबाई

    जापान के सामने भी खड़ा है चीन संकट
    जापान के सामने भी अपनी सैन्य क्षमताओं और क्वाड और अन्य साथियों के साथ गहरे सैन्य सहयोग की जरूरत ऐसे समय में आई है, जब चीन देश के शीर्ष खतरे के रूप में सामने आया है. अपने इस समुद्री दौरे पर एलिजाबेथ सीएसजी जापान की मेरिटाइम फोर्सेज के साथ अभ्यास करेगा.

    ब्रिटेन ने इस एचएमएस क्वीन एलिजाबेथ और इसके टास्क फोर्स की इस पहली यात्रा को दो दशकों की सबसे महत्वाकांक्षी नौसैन्य तैनाती बताया था. कहा जा रहा है कि युद्धपोत साउथ चाइना सी में भी अमेरिकी नौसेना और जापान की मैरिटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स के साथ अभ्यास करेगा.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.