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क्या नीरव मोदी का भारत में होगा प्रत्यर्पण? आज ब्रिटेन में होगा फैसला, यहां पढ़ें 10 खास बातें

 ब्रिटिश अदालत नीरव मोदी प्रत्यर्पण मामले में बृहस्पतिवार को सुनाएगी फैसला

ब्रिटिश अदालत नीरव मोदी प्रत्यर्पण मामले में बृहस्पतिवार को सुनाएगी फैसला

पंजाब नेशनल बैंक (PNB Scam) से करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में वांछित हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) के भारत प्रत्यर्पण पर यहां की एक अदालत फैसला सुनाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 11:34 AM IST
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लंदन. पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में वांछित हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण पर यहां की एक अदालत को फैसला सुनाएगी. नीरव मोदी (Nirav Modi) फिलहाल लंदन की एक जेल में बंद है. 49 वर्षीय मोदी के दक्षिण-पश्चिम लंदन स्थित वॉन्ड्सवर्थ जेल से वीडियो लिंक के जरिये वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत में पेश होने की उम्मीद है, जहां जिला जज सैमुअल गूजी अपना फैसला सुनाएंगे कि हीरा कारोबारी के भारतीय अदालतों के समक्ष पेश होने के लिये कोई मामला है या नहीं.

यहां पढ़ें नीरव मोदी केस में अभी तक के 10 अपडेट:-

मजिस्ट्रेट की अदालत के फैसले को इसके बाद ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल के पास हस्ताक्षर के लिये भेजा जाएगा. हालांकि फैसले के आधार पर दोनों में से किसी एक पक्ष के उच्च न्यायालय में अपनी करने की भी संभावना है.
नीरव मोदी को प्रत्यर्पण वारंट पर 19 मार्च 2019 को गिरफ्तार किया गया था और प्रत्यर्पण मामले के सिलसिले में हुई कई सुनवाइयों के दौरान वह वॉन्ड्सवर्थ जेल से वीडियो लिंक के जरिये शामिल हुआ था.
जमानत को लेकर उसके कई प्रयास मजिस्ट्रेट अदालत और उच्च न्यायालय में खारिज हो चुके हैं क्योंकि उसके फरार होने का जोखिम है.
उसे भारत में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मामलों के तहत आपराधिक कार्यवाही का सामना करना होगा. इसके अलावा कुछ अन्य मामले भी उसके खिलाफ भारत में दर्ज हैं.
नीरव पर भारत में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मामलों के तहत आपराधिक कार्यवाही का सामना करना होगा. इसमें से एक मामला CBI का मामला पीएनबी में गैरकानूनी पत्र (LoU) या ऋण समझौते के जरिए बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी से संबंधित है.
वहीं दूसरा मामला ईडी का है. यह मामला लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है. मोदी पर पर सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को धमकाने के दो अतिरिक्त आरोप भी लगे हैं जो सीबीआई के मामलों में ही जुड़े हुए हैं.
वहीं नीरव मोदी के बचाव में कहा गया है कि यह पूरा मामला एक वाणिज्यिक विवाद है. उनके वकील ने कोर्ट में दावा किया कि उनका कोई भी काम कानूनी दायरे से परे नहीं है और धोखाधड़ी नहीं है. उनके वकीलों ने नीरव मोदी के मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में भी अपना पक्ष रखा है.
नीरव मोदी के भारत आने के बाद उसे मुंबई की आर्थर रोड जेल में लाया जाना है. ब्रिटेन की अदालत में ऑर्थर रोड जेल के बैरक 12 को लेकर भी भारत सरकार की ओर से जानकारी दी गई है. सरकार ने बैरक नंबर 12 की एक वीडियो भी अदालत में पेश की है.
भारत सरकार ने अदालत में वीडियो इसलिए पेश किया है ताकि नीरव मोदी के बचाव पक्ष द्वारा मानवाधिकार के तर्कों को खारिज किया जा सके. सरकार ने बताया है कि सेल में प्राकृतिक रोशनी है, हवा आती है. साथ ही मानवाधिकार के सभी नियमों का पालन होता है.
ब्रिटेन के सरकारी वकीलों ने भारत सरकार की ओर से बहस करते हुए नीरव के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए तर्क दिया गया है कि ज्वैलर ने 'पोंजी योजना चलाई थी.'
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