चीन और पाकिस्तान की चुनौतियों से निपटने के लिए BRO बिछा रहा है सड़कों का जाल

लेह जाने के दौरान लद्दाख से गुजरता भारतीय सेना का एक काफिला. (पीटीआई फाइल फोटो)

लेह जाने के दौरान लद्दाख से गुजरता भारतीय सेना का एक काफिला. (पीटीआई फाइल फोटो)

India Road in LAC LoC: रणनीतिक रूप से अहम अरुणाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में सड़कों को खास ध्यान दिया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 5:25 PM IST
  • Share this:

नई दिल्ली. चीन (China) और पाकिस्तान (Pakistan) की चुनौतियों के मद्देनज़र बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइज़ेशन (BRO) सड़कों का जाल बिछा रही है. पूरे देश में सीमावर्ती राज्यों में कुल 272 रोड पर काम जारी है जिनमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से सटे सीमावर्ती इलाको में सबसे ज्यादा रोड तैयार की जा रही है. रणनीतिक रूप से अहम अरुणाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में सड़कों को खास ध्यान दिया जा रहा है.



गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनावपूर्ण सैन्य गतिरोध पिछले वर्ष 5 मई को उस वक्त शुरू हुआ,  जब दोनों देशों के बीच पैंगोंग झील वाले इलाके में हिंसक झड़प हुई और इसके बाद दोनों देशों ने कई स्थानों पर साजो-सामान के साथ हजारों सैनिकों की तैनाती कर दी.



इसके बाद पिछले चार दशकों में सबसे बड़े टकराव में 15 जून को गलवान घाटी में झड़प में भारत के 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए. झड़प के आठ महीने बाद चीन ने स्वीकार किया कि झड़प में उसके चार सैन्यकर्मी मारे गए थे. हालांकि अब 10 वें दौर की वार्ता के दौरान क्षेत्र में तनाव कम करने पर दोनों देशों में सहमति बनी और दोनों देशों की सेना तनाव से पहले वाली स्थिति में लौट रहे हैं.



संसद में सरकार की तरफ से जो जानकारी दी गई है उसके मुताबिक कुल मिलाकर 14071.54 किलोमीटर लंबाई की सड़क पर काम जारी है. जिसमें चीन से लगती सीमा पर अरुणाचल प्रदेश में 64 , लद्दाख में 43 , उत्तराखंड में 24 , सिक्किम में 21 , हिमाचल प्रदेश में 7 सड़के सीमावर्ती इलाको में बनाई जा रही है. वहीं, पाकिस्तान से लगते भारतीय इलाको में भी सड़को का जाल बिछाया जा रहा है. एलओसी और अंतर्राष्ट्रिय सीमा के इलको जिसमें जम्मू कश्मीर में 61 , पंजाब में 6 , राजस्थान में 23 सड़के तैयार की जा रही है.
उत्तर पूर्व के राज्यों में जिनकी सीमा म्यांमार और बांग्लादेश से लगती है वहा भी काम ज़ोरों पर है. पश्चिम बंगाल में 3 , मिज़ोरम में 8 , मणिपुर में 9 , नागालैंड में 2 और अंदमान निकोबार में भी 1 सड़क का निर्माण कार्य जारी है. इन सड़कों में ज्यादातर ऑल वेदर रोड है जो की हर मौसम में सेना और स्थानीय निवासियों के इस्तेमाल में लाए जाने वाली होगी. अगर हम चुनौतियों की बात करे तो चीन से लगने वाले इलाको में साल में महज 4 से 5 महीने ही काम हो पाता है सर्दियो में ठंड और बर्फबारी के चलते काम बाधित रहता है तो उत्तर पूर्व मे बरसातों के चलते हमेशा बाधा आती रहती है. लेकिन बीआरओ हर मौसम और हर चुनौतियों से लोहा लेते हुए अपने काम को जारी रखे हुए है. पहाड़ी इलाकों में सड़कें बनाना काफी चुनौती भरा होता है और इन सड़कों को बनाते हुए इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है कि भारतीय सेना के भारी भरकम साजों सामान को आसानी से कम समय के भीतर बार्डर तक पहुंचाए जा सके.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज