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कर्नाटक BJP में थम नहीं रहा बवाल, येडियुरप्पा नाराज मंत्रियों से बोले-दिल्ली जाकर दर्ज कराएं विरोध

मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा (फाइल फोटो)
मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा (फाइल फोटो)

Karnataka: बीएस येडियुरप्पा (BS Yediyurappa) ने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे पर जो उनके हाथ में था, उन्होंने किया. सीएम ने उनके खिलाफ गलत बोलने वाले लोगों को आगाह भी किया. सीएम ने कहा कि दिल्ली जाकर अपनी शिकायत दें, मैं उसका विरोध नहीं करूंगा.

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बेंगलुरु. कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार (Karnataka Cabinet Expansion) के बाद भी सियासी ड्रामा खत्म नहीं हुआ है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने अपनी नाराजगी जतायी है. हालांकि, बीजेपी नेताओं के इस बर्ताव को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा ने अपना पक्ष साफ कर दिया है. उन्होंने गुरुवार को असंतुष्ट भाजपा नेताओं से कहा कि वे अपनी समस्याएं पार्टी आलाकमान के समक्ष रखें और दल को नुकसान पहुंचाने वाली टिप्पणियां करने से बचें.

मुख्यमंत्री ने 17 महीने पुराने अपने मंत्रिमंडल में बुधवार को विस्तार करते हुए सात नए मंत्रियों को शामिल किया जबकि आबकारी मंत्री एच. नागेश को कैबिनेट से बाहर किया गया. विस्तार के दौरान मंत्री बनने की इच्छा रखने वाले कुछ विधायकों को पद नहीं मिला तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की.

बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में येडियुरप्पा ने कहा, ‘अगर भाजपा विधायकों को कोई भी समस्या है तो वे दिल्ली जा सकते हैं, हमारे राष्ट्रीय नेताओं से मिल सकते हैं, उन्हें तमाम सूचनाएं दे सकते हैं और अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. मैं उसका विरोध नहीं करूंगा, लेकिन मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि गलत बातें बोलकर वे पार्टी की छवि खराब ना करें.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी शिकायतों पर फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा तथा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को स्थिति की जानकारी है.




बाद में दावणगेरे में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे पर जो उनके हाथ में था, उन्होंने किया. येडियुरप्पा ने उनके खिलाफ गलत बोलने वाले लोगों को आगाह भी किया. येडियुरप्पा ने हालांकि आरआर नगर से विधायक मुनिरत्न को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने के सवाल पर कुछ नहीं कहा. जबकि, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए विधायक से मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि आरआर नगर सीट जीतने पर उन्हें मंत्री पद दिया जाएगा.

मंत्रिमंडल से एच. नागेश को बाहर करने के कारण कैबिनेट में एक सीट खाली हो गई है. राज्यपाल वजुभाई वाला ने राजभवन में आयोजित एक समारोह में मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी. नए मंत्रियों में विधायक उमेश कट्टी (हुक्केरी), एस. अंगारा (सुल्लिआ), मुरुगेश निरानी (बिल्गी) और अरविंद लिम्बावली (महादेवपुरा) और एमएलसी आर. शंकर, एमटीबी नागराज और सीपी योगेश्वर शामिल हैं.

येडियुरप्पा की आलोचना करने वाले विजयपुरा सिटी के विधायक बी. पाटिल यत्नाल ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वह वरिष्ठता और ईमानदारी को ध्यान में रखे बगैर ब्लैकमेल होकर नियुक्तियां कर रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर कर्नाटक भाजपा को हाईजैक करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वह राज्य को येडियुरप्पा परिवार के वंशवाद की राजनीति से मुक्त कराएं.

यह भी पढ़ें: बीएस येडियुरप्पा के कैबिनेट विस्तार से BJP नेता भड़के, बोले- CM को ब्लैकमेल किया गया

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ब्लैकमेल करने वालों को मंत्री बना रहे हैं. तीन लोग... एक राजनीतिक सचिव और दो मंत्री पिछले तीन महीने से येडियुरप्पा को सीडी के माध्यम से ब्लैकमेल कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘उनमें से एक आज मंत्री बनेगा, सीडी से ब्लैकमेल के अलावा विजयेंद्र (मुख्यमंत्री के पुत्र) को धन देना भी शामिल है.’

विश्वनाथ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के परिवार पर चुटकी लेते हुए लोगों से ‘सन स्ट्रोक’ पर चर्चा करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, ‘रायचूर से चर्चा शुरू करते हैं. विषय है सन स्ट्रोक. मैं आशा करता हूं कि आप समझेंगे.’ वह अप्रत्यक्ष रूप से येडियुरप्पा द्वारा पार्टी में अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता दिए जाने पर चुटकी ले रहे थे.

उन्होंने कहा कि 1990 के दशक में ‘सन स्ट्रोक’ के कारण जनता दल का पतन हो गया, फिर चाहे वह रामकृष्ण हेगड़े, एस. बंगारप्पा, जेएच पाटिल या एचडी देवेगौड़ा (HD Deve Gowda) हों. विश्वनाथ ने कहा, ‘अब भाजपा को भी यह सन स्ट्रोक लग रहा है. अगर ऐसा ही चलता रहा तो कर्नाटक में सन स्ट्रोक लगेगा.’ एचडी कुमारस्वामी नीत पूर्ववर्ती कांग्रेस-जदएस सरकार को गिरा कर 2019 में भाजपा में शामिल हुए 17 विधायकों में विश्वनाथ भी थे.
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