अपना शहर चुनें

States

कर्नाटकः येडियुरप्पा की बढ़ी मुश्किलें, कैबिनेट विस्तार से नाखुश विधायकों के सुर तल्ख

जैसे ही इन विधायकों ने सार्वजनिक रूप से बोलना शुरू किया, येदियुरप्पा ने डैमेज कंट्रोल करने के लिए अपने खासमखास नेता को नाराज विधायकों से मिलने के लिए भेजा. (File Photo)
जैसे ही इन विधायकों ने सार्वजनिक रूप से बोलना शुरू किया, येदियुरप्पा ने डैमेज कंट्रोल करने के लिए अपने खासमखास नेता को नाराज विधायकों से मिलने के लिए भेजा. (File Photo)

Karnataka CM BS Yediyurappa battles Internal Rebellion: रायचूर से विधायक शिवानागौड़ा नायक ने कहा, "हमारी मांग जायज है. 14 से 15 विधायक लगातार फोन पर एक दूसरे के साथ संपर्क में हैं. हम जल्द ही बैठक करेंगे और इस पर चर्चा होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 19, 2021, 9:24 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा (BS Yediyurappa) की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रहीं. दरअसल कर्नाटक के बागी विधायकों ने खुलेआम अपनी नाराजगी को जाहिर करना शुरू दिया है. इन बागी विधायकों को राज्य सरकार के हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार (Karnataka Cabinet Expansion) में कोई मौका नहीं मिला. कुछ वरिष्ठ विधायकों का दावा है कि वे अपनी चिंताओं और दावे को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के सामने भी रख सकते हैं और मामले में हस्तक्षेप की मांग कर सकते हैं. नाराज विधायकों का मानना है कि हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार में उन्हें इग्नोर किया गया.

नाराज नेताओं का दावा है कि कम से कम 14 से 15 विधायक नाराज हैं और बागियों का मानना है कि पूरी कैबिनेट को फिर से बनाया जाना चाहिए और सरकार के 20 महीने पूरे होने पर नए चेहरों को मौका दिया जाना चाहिए. जुलाई 2019 में शपथ लेने वाले येडियुरप्पा मार्च में मुख्यमंत्री के तौर पर अपने मौजूदा कार्यकाल के 20 महीने पूरे करेंगे. हालांकि नाराज विधायक ये नहीं कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री को बदला जाना चाहिए बल्कि वे चाहते हैं कि उनकी चिंताओं का निराकरण हों और उनकी योजना इस बारे में केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करने की है.

सेंट्रल कर्नाटक के चित्रदुर्ग से 6 बार के विधायक जीएस थिप्पारेड्डी ने मंगलवार को कहा कि उनके जिले को हमेशा इग्नोर किया गया है. उन्होंने कहा, "मैंने न जाने कितनी बार ये बात कही होगी, हमारी तीन बार सरकार बन चुकी है, लेकिन हर बार वही कुछ विधायकों का समूह मंत्री बन जाता है. अगर उनकी परफॉर्मेंस को देखें तो कैबिनेट में बदलाव होना चाहिए. अगर आप दूसरों को मौका देते हैं तो सरकार और पार्टी की लोकप्रियता में इजाफा होगा. इसके बाद ही आप अगले चुनाव में 150 सीटें जीत सकते हो, जैसा कि सेंट्रल लीडरशिप का लक्ष्य है."



रायचूर से विधायक शिवानागौड़ा नायक ने कहा, "हमारी मांग जायज है. 14 से 15 विधायक लगातार फोन पर एक दूसरे के साथ संपर्क में हैं. हम जल्द ही बैठक करेंगे और इस पर चर्चा होगी. हमें लगता है कि अपनी चिंताओं पर बात करना गलत नहीं है. सेंट्रल लीडरशिप को इससे अवगत कराएंगे और उनके सामने मुद्दे को रखा जाएगा."

उन्होंने कहा कि अगर प्रत्येक जिले को भी प्रतिनिधित्व दिया जाता तो इन विधायकों को मौका मिल सकता था. जैसे ही इन विधायकों ने सार्वजनिक रूप से बोलना शुरू किया, येडियुरप्पा ने डैमेज कंट्रोल करने के लिए अपने खासमखास नेता को नाराज विधायकों से मिलने के लिए भेजा, ताकि किसी भी तरह की असहज स्थिति आकार ना लेने पाए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज