OPINION: निर्मला सीतारमण ने पेश किया उम्मीदों का बजट

विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने मध्यम वर्ग को इस बजट में कुछ नहीं दिया. सरकार का कहना है कि ये आरोप पूरी तरह से गलत है.

News18Hindi
Updated: July 5, 2019, 7:46 PM IST
OPINION: निर्मला सीतारमण ने पेश किया उम्मीदों का बजट
विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने मध्यम वर्ग को इस बजट में कुछ नहीं दिया. सरकार का कहना है कि ये आरोप पूरी तरह से गलत है.
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Updated: July 5, 2019, 7:46 PM IST
विक्रांत यादव

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला केंद्रीय बजट पेश किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बजट को उम्मीदों का बजट करार दिया है. जो 21वीं शताब्दी में देश की विकास यात्रा को आगे की ओर ले जाएगा.

बजट में सरकार के लिए सबसे बड़ा लक्ष्य देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का रखा गया है. बीजेपी का भी मानना है कि बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए अर्धव्यवस्था के लिए तय किए गए लक्ष्य को पूरा करने का रोड-मैप भी है. जाहिर है कि लक्ष्य बड़ा है, इसे पूरा करने में समयसीमा भी कम रखी गई है. फिर भी सरकार को उम्मीद है कि वो इसे पूरा कर लेगी.

सरकार और बीजेपी के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया भर में तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में देश को 55 साल लग गए. लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में इसकी रफ्तार में काफी तेजी आई. आज देश की अर्थव्यवस्था करीब तीन ट्रिलियन तक पहुंचने वाली है.

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अगर इसी रफ्तार से आगे बढ़ते रहे.....

अगर इसी रफ्तार से आगे बढ़ते रहे, तो पांच ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचना मुमकिन है. सरकार का कहना है कि ये बजट पूरी समग्रता के साथ देश की आशाओं, अपेक्षाओं और आकांक्षाओं की झलक दर्शाता है. देश जब 2022 में अपनी आजादी के 75 साल पूरे कर रहा होगा, तो उस समय तक देश के सभी परिवारों के पास अपना मकान होगा.
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बजट में एक करोड़ 95 लाख परिवार को आवास दिलाने, सभी को व्यक्तिगत शौचालय, हर परिवार को बिजली और अपना गैस-कनेक्शन देने की बात कही गई है. वन नेशन वन ग्रिड साकार करने का लक्ष्य तय किया गया है. तीन करोड़ छोटे और मंझोले उद्यमियों के लिए पेंशन की योजना घोषित की गई है.

सरकार का मानना है कि आने वाले समय में पूरे विश्व में पानी की कमी एक बड़ी समस्या बन कर सामने आ सकता है. भारत इस समस्या का मजबूती से सामना कर सके, इस दिशा में इस बार सरकार बनने के बाद ही काम करना शुरू कर दिया गया. इसी को ध्यान में रखते हुए जलशक्ति मंत्रालय बनाया गया, ताकि जल संरक्षण पर विशेष तौर पर ध्यान दिया जा सके.

साल 204 तक हर घर तक नल के जरिए पीने का पानी पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य भी सामने रखा गया है. पर्यावरण पूरी दुनिया में चिंता का सबब बना हुआ है. भविष्य इलैक्ट्रिक वाहनों का ही है. उसकी ओर लोगों को लुभाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों पर विशेष छूट की बात भी कही गई है और उसे पांच प्रतिशत टैक्स के दायरे में किया गया है. ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पेट्रोल-डीजल के वाहन छोड़कर इलैक्ट्रिक वाहन की तरफ जाएं.

नारी तू नारायणी 

यही नहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने वाले लोगों को लिए गए लोन की ब्याज दरों पर आयकर में डेढ़ लाख रुपए तक की छूट मिलेगी. इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर छूट के साथ ही पूरे देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्टर का नेटवर्क भी तैयार किया जा रहा है. नारी तू नारायणी बोलते हुए वित्त मंत्री ने महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूल में शामिल महिला को एक लाख रूपए तक के लोन की घोषणा की है. महिलाओं को जनधन खाते के लिए पांच हजार तक के ओवरड्राफ्ट की अनुमति की गई है.

विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने मध्यम वर्ग को इस बजट में कुछ नहीं दिया. सरकार का कहना है कि ये आरोप पूरी तरह से गलत है. 45 लाख रुपए तक का घर खरीदने पर अब सरकार होम लोन में साढ़े तीन लाख रुपए की छूट देगी. पहले नया घर खरीदने पर दो लाख रुपए तक की छूट होती थी. लेकिन अब इसमें डेढ़ लाख का इजाफा किया गया है.

दावा है कि पंद्रह साल के लोन अवधि में घर खरीददार को करीब सात लाख रुपए का फायदा होेगा. पेट्रोल और डीजल पर जरूर दो रुपए मंहगा मिलेगा. लेकिन उसमें से एक रुपया सड़क और इंफ्रांस्ट्रक्चर पर खर्च किया जाएगा. अगर सडक और इंफ्रास्ट्रक्चर अच्छा और बेहतर होगा, तो उसका फायदा देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ने में ही मिलेगा.

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First published: July 5, 2019, 7:44 PM IST
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