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गृह मंत्रालय को बजट में मिले 1.66 लाख करोड़ रुपए, जनगणना के लिए 3,700 करोड़ रुपए

2021-22 बजट में बीएसएफ को 20,729.54 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं (सांकेतिक तस्वीर-ANI)
2021-22 बजट में बीएसएफ को 20,729.54 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं (सांकेतिक तस्वीर-ANI)

Budget 2021: बजट के आंकड़ों के अनुसार गृह मंत्रालय को CRPF, BSF, CISF आदि जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए 1,03,802.52 करोड़ रुपये और अगली जनगणना से संबंधित कार्यों के लिए 3,768.28 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

  • Last Updated: February 2, 2021, 12:57 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्र ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए गृह मंत्रालय (Home Ministry) को करीब 1,66,547 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. इनमें से ज्यादातर राशि पुलिस बलों के लिए है. इसके अलावा एक खासी रकम जनगणना संबंधी कार्यों के लिए है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) द्वारा सोमवार को संसद में पेश बजट (Budget 2021) के अनुसार जम्मू कश्मीर को 30,757 करोड़ रुपये और लद्दाख को 5,958 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. ये दोनों नए केंद्रशासित प्रदेश हैं.

बजट के आंकड़ों के अनुसार गृह मंत्रालय को सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ आदि जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए 1,03,802.52 करोड़ रुपये और अगली जनगणना से संबंधित कार्यों के लिए 3,768.28 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के कारण 2021 की जनगणना (Census) को स्थगित कर दिया गया है. केंद्रीय योजनाओं और गृह मंत्रालय की परियोजनाओं के लिए 1,641.12 करोड़ रुपये तथा आपदा प्रबंधन के लिए 481.61 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.





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केंद्रशासित प्रदेश अंडमान निकोबार द्वीप समूह को 5,317.41 करोड़ रुपये, चंडीगढ़ को 4,661.12 करोड़ रुपये, दादरा और नगर हवेली और दमन एवं दीव को 2,204.59 करोड़ रुपये, लक्षद्वीप को 1,440.56 करोड़ रुपये तथा पुडुचेरी को 1,729.79 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

जानें सुरक्षाबलों के लिए कितना धन हुआ आवंटित
2021-22 बजट में बीएसएफ को 20,729.54 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जो कि पिछले बजट की तुलना में 6.97 प्रतिशत अधिक है. इससे पहले 2020-21 के बजट में ये रकम 19,377.83 रुपये थी. बीएसएफ के जवान पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा पर सुरक्षा के लिए तैनात हैं. पाकिस्तान से लगी 3,323 किमी सीमा जिसमें कि करीब 720 किमी संघर्ष विराम है, पर आतंकियों की घुसपैठ, क्रॉस बॉर्डर फायरिंग जैसी घटनाएं आम हैं. इसके अलावा 4,096 किमी भारत-बांग्लादेश की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बीएसएफ है. यहां भी अवैध घुसपैठ, गायों और अन्य सामानों की तस्करी आम बात है.

बीएसएफ की एयर विंग को इस साल 140.15 करोड़ रुपये मिले थे जो कि पिछले वर्ष मिले 54.75 करोड़ रुपये की तुलना में 155% ज्यादा हैं.

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3,488 किलोमीटर लंबी चीन-भारतीय सीमा की रक्षा करने वाले ITBP को पिछले बजट के 6,150.15 करोड़ रुपये के मुकाबले इस साल 6,567.17 करोड़ रुपये मिले हैं जो कि 6.78% अधिक हैं.

आंतरिक सुरक्षा, कानून और व्यवस्था के रख-रखाव और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए तैनात सीआरपीएफ को 2020-21 में मिले 24,788.28 करोड़ रुपये की तुलना में इस साल 26,197.90 करोड़ रुपये मिले जो कि 5.6% की वृद्धि है.

इंटेलिजेंस ब्यूरो को पिछले साल प्राप्त 2,433.89 करोड़ की तुलना में इस साल 2,839.24 करोड़ मिले जो कि 16.6% की वृद्धि है.

परमाणु संयंत्रों, हवाई अड्डों, प्रमुख उद्योगों, मेट्रो नेटवर्क और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की तरह महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की रखवाली करने वाले CISF को पिछले साल मिले 10,676.98 करोड़ की तुलना में इस साल 10,341.83 करोड़ रुपये मिले.

SSB, जो नेपाल (1,751 किमी) और भूटान (699 किमी) के साथ भारत की सीमाओं की रक्षा करता है, को 2020-21 में मिले 5,950 करोड़ रुपये की तुलना में इस साल 6,479.74 करोड़ रुपये प्राप्त हुए.
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