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बजट 2021: किसानों के किसी भी विरोध प्रदर्शन को विफल करने के लिए पुलिस ने किए पुख्ता इंतजाम

दिल्ली की सीमाओं पर अतिरिक्त सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग आदि की गई है. (सांकेतिक तस्वीर)
दिल्ली की सीमाओं पर अतिरिक्त सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग आदि की गई है. (सांकेतिक तस्वीर)

Budget 2021: ट्रैक्टर रैली से पहले किसान संगठनों ने घोषणा की थी कि वह 1 फरवरी को संसद मार्च करेंगे हालांकि 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा के बाद किसानों ने इस मार्च को रद्द कर दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 31, 2021, 11:04 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में कृषि कानून (Farm Laws) के विरोध में जारी किसानों के प्रदर्शन (Farmer Protest) के बीच पेश होने जा रहे बजट (Budget 2021-22) को लेकर सरकार ने सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए हैं. केंद्र सरकार ने 1 फरवरी को पेश होने जा रहे बजट से पहले रविवार को दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. इसके लिए जगह-जगह पर बैरिकेडिंग के साथ, अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. दरअसल किसान संगठनों ने पहले 1 फरवरी को संसद मार्च का आह्वान किया था लेकिन 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड (Tractor Parade) में हुई हिंसा के बाद किसानों से इस मार्च को रद्द कर दिया था. ऐसे में सरकार एहतियात के तौर पर कदम उठाते हुए सड़कों पर कंक्रीट स्लैब और बैरिकेडिंग तैनात कर दिये हैं. इसके अलावा ट्रैक्टर या अन्य गाड़ियां इन बैरिकेडिंग को पार न कर सकें इसे लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं.

पुलिस ऐसी आशंकाओं के बीच ये कदम उठा रही है कि कुछ प्रदर्शनकारी गणतंत्र दिवस के जैसा विरोध प्रदर्शन करने का प्रयास कर सकते हैं, हालांकि आयोजकों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश करने के दौरान संसद घेराव संसद की योजना को रद्द कर दिया है. बता दें 26 जनवरी को प्रदर्शनकारियों द्वारा निकाली गई ट्रैक्टर परेड ने हिंसक रूप ले लिया था. परेड में शामिल कुछ उपद्रवियों और पुलिस के बीच हुए टकराव में 400 के करीब पुलिसकर्मी घायल हुए थे. इस परेड के बाद कई बड़े किसान नेताओं के नाम एफआईआर दर्ज की गई है.

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टिकैत ने कही ये बात
वहीं भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान प्रदर्शन को खत्म करने के सरकार के दबाव में नहीं आएंगे. टिकैत ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का स्वागत करते हैं जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है. लेकिन वार्ता तभी संभव है जबकि गिरफ्तार किए गए किसानों को रिहा किया जाए. प्रदर्शनकारी किसान प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन हम अपने आत्मसम्मान को बचाने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं.

राकेश टिकैत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले ही कहा था कि सरकार से किसानों की बातचीत में महज ‘‘एक फोन कॉल की दूरी’’ है.
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