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लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने किया राम मंदिर ट्रस्ट का ऐलान, कहा- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार तैयार की योजना

News18Hindi
Updated: February 5, 2020, 11:56 AM IST
लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने किया राम मंदिर ट्रस्ट का ऐलान, कहा- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार तैयार की योजना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा यह ट्रस्ट मंदिर निर्माण से जुड़े सभी फैसले लेने के लिए स्वतंत्र होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा, केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया, यह ट्रस्ट अयोध्या (Ayodhya) में भगवान राम मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर निर्णय के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा.

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  • Last Updated: February 5, 2020, 11:56 AM IST
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नई दिल्ली. लोकसभा (Lok Sabha) में बजट सत्र 2020 (Budget 2020) के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने अयोध्या (Ayodhya) स्थित श्री रामजन्म स्थल (Ramjanm Sthal) से जुड़े न्यास के बारे में जानकारी दी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि 'रामजन्मभूमि से जुड़ा मुद्दा मेरे दिल के बहुत करीब है.' पीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार वृहद योजना तैयार की जा रही है. राम मंदिर से जुडे न्यास का ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ट्रस्ट का नाम श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र होगा. यह इससे जुड़े सभी फैसले लेने के लिए स्वतंत्र होगी.

'सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने पर सहमत'
पीएम ने जानकारी दी कि अयोध्या में अधिग्रहीत 67 एकड़ जमीन राम मंदिर ट्रस्ट को दी गई है. पीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने पर सहमत हो गया है. उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने फैसला राम मंदिर के पक्ष में दिया था. इसने सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने को भी कहा था.आज सुबह एक बैठक में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के मुता‍बिक अनुरूप बड़े फैसले लिए गए हैं.'

अयोध्‍या जमीन विवाद पर यह था कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 9 नवंबर को ऐतिहासिक फैसले में एक सदी से अधिक पुराने मामले का पटाक्षेप करते हुए अयोध्या (Ayodhya) में विवादित स्थल पर राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया. साथ ही व्यवस्था दी कि पवित्र नगरी में मस्जिद के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन दी जाए.

अदालत ने कहा था कि विवादित 2.77 एकड़ जमीन अब केंद्र सरकार के रिसीवर के पास रहेगी, जो इसे सरकार की ओर से बनाए जाने वाले ट्रस्ट को सौंपेंगे. पीठ ने केंद्र सरकार से कहा था कि मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट बनाया जाना चाहिए.

तत्कालीन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई (Former CJI Ranjan Gogoi) की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मत फैसला दिया और कहा था कि हिंदुओं का यह विश्वास निर्विवाद है कि संबंधित स्थल पर ही भगवान राम का जन्म हुआ था तथा वह प्रतीकात्मक रूप से भूमि के मालिक हैं.यह भी पढ़ें: बेरोजगारी चरम पर है, क्या यह संयोग है या प्रधानमंत्री का प्रयोग है: प्रियंका गांधी

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First published: February 5, 2020, 11:09 AM IST
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