राज्‍यसभा में आजाद बोले- तीन तलाक के साथ ही मॉब लिंचिंग पर कानून क्‍यों नहीं लाते

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यहां के मुस्लिमों की तुलना अन्‍य किसी मुल्‍क से करना सही नहीं है. उनमें जो खामियां हैं, वो हमारे देश के मुस्लिमों को नहीं लगनी चाहिए.

News18Hindi
Updated: July 30, 2019, 5:21 PM IST
राज्‍यसभा में आजाद बोले- तीन तलाक के साथ ही मॉब लिंचिंग पर कानून क्‍यों नहीं लाते
आजाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग पर भी कानून बनाने के लिए कहा था. लेकिन, क्‍या आपने बनाया.
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Updated: July 30, 2019, 5:21 PM IST
तीन तलाक को अपराध बनाने वाले बिल को पास कराने के लिए मंगलवार को राज्‍यसभा में चर्चा चल रही है. बिल में तीन तलाक को गैर कानूनी बनाते हुए 3 साल की सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है. 26 जुलाई को लोकसभा में इस बिल को पेश किया गया था. जहां चर्चा के बाद ध्‍वनिमत से ये पास हो गया. राज्‍यसभा में आज कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने तीन तलाक बिल का जमकर विरोध किया.

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यहां के मुस्लिमों की तुलना अन्‍य किसी मुल्‍क से करना सही नहीं है. उनमें जो खामियां हैं, वो हमारे देश के मुस्लिमों को नहीं लगनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने क्रिमिनल लॉ के बारे में नहीं बोला था. सरकार गलत कह रही है.

आजाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग पर भी कानून बनाने के लिए कहा था. लेकिन, क्‍या आपने बनाया. कोर्ट के फैसले जब आपको ठीक लगते हैं तो ही आप उसपर बिल लाते हैं. कोर्ट के कहने पर जब तीन तलाक खत्‍म हो गया, तो आप किस बात की सजा दे रहे हैं. अगर तीन तलाक कहने पर कुछ हुआ ही नहीं तो सजा किस बात की.



परिवारों को तोड़ने वाला बिल

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि यह बिल विवाह के अधिकारों की रक्षा करता है लेकिन इसका असल मकसद परिवारों को तोड़ना है. यह कानून राजनीति से प्रेरित है, इसलिए अल्पसंख्यक आपस में लड़ते हैं. पति और पत्नी एक-दूसरे के खिलाफ वकील रखेंगे, वकीलों को भुगतान करने के लिए जमीन बेची जाएगी. जेल की अवधि समाप्त होने तक वे दिवालिया हो जाएंगे. जब वे जेल से बाहर आएंगे तो या तो वे आत्महत्या कर लेंगे या फिर चोर-डाकू बन जाएगा. क्या इस बिल को लेकर यही मंशा है.

हमारा मुल्क मुस्लिम मुल्क का मोहताज नहीं: आजाद
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आजाद ने कहा कि हमनें जो आपत्ति की थी, आपने उसे हटाया नहीं है. इस बिल में थोड़ी बहुत सर्जरी जरूर की है. इस्‍लाम में शादी सिविल अनुबंध है, जिसे आप क्रिमिनल की शक्‍ल दे रहे हैं. बिना वॉरंट पुलिस को जेल में डालने का हक दे रहे हैं. साथ ही तीन साल की सजा, भत्‍ता और परिवार का ख्‍याल रखने का प्रावधान भी आपने बिल में डाल दिया है.



उन्‍होंने कहा कि अगर किसी पति को सजा होती है, तो क्‍या सरकार अपनी तरफ से महिलाओं को पैसा देगी. लेकिन, सरकार इसके लिए भी राजी नहीं है. आप पैसे देने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन उसके पति को जेल में डालने के लिए तैयार हैं. इस्‍लामी देशों में तो गर्दन काटने का भी कानून है, क्‍या आप वहां से ये कानून भी लेकर आएंगे. हमारा देश ना ही किसी मुस्लिम मुल्‍क का मोहताज है और ना ही किसी मुस्लिम के कहने से चलता है. देश के मुस्लिमों को देश पर गर्व है. हम हजारों सालों से साथ मिलकर रहते हैं. ना ही हम मुस्लिम देश की सोच रखते हैं और न ही उसकी नकल करते हैं.

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First published: July 30, 2019, 5:21 PM IST
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