Assembly Banner 2021

अहमदाबाद से शुरू होगी बुलेट ट्रेन, जापानी PM और मोदी करेंगे भूमिपूजन

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर (File Photo)

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर (File Photo)

भारत में बुलेट ट्रेन का सपना कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने वाला है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 3, 2017, 11:43 PM IST
  • Share this:
चंदन जजवाड़े

भारत में बुलेट ट्रेन का सपना कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने वाला है. सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो अबे इसके लिए गुजरात के साबरमती में भूमि पूजन करने वाले हैं. एक बार ज़मीन पर काम शुरू हो जाने के बाद यह प्रोजेक्ट छह साल में पूरा हो जाएगा. ये ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच दौड़ेगी.

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम अगले महीने शुरू होने वाला है. सूत्रों के मुताबिक सितंबर में जापानी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान इस परियोजना का शिलान्यास भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद करेंगे. इसके लिए गुजरात के साबरमती में भूमि पूजन की तैयारी भी चल रही है. भारत में बुलेट ट्रेन जापान के सहयोग से शुरू हो रहा है. इस प्रोजेक्ट पर मौजूदा अनुमान के मुताबिक इस प्रोजेक्ट पर 1 लाख 10 हज़ार करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसका बड़ा भाग यानि 88 हज़ार करोड़ रुपये भारत को जापान से कर्ज़ के तौर पर मिल रहा है. जिसपर 0.1 फ़ीसदी का ब्याज भारत को चुकाना होगा.



जापान से बुलेट ट्रेन की सबसे बेहतरीन और सुरक्षित शिनकैन्सेन तकनीक भी मिल रही है. बुलेट ट्रेन से भारत में मेक इन इंडिया को भी गति मिलेगी और इसके कलपुर्जे भारत में ही बनाए जाएंगे. मुंबई और अहमदाबाद के बीच के 508 किलोमीटर के रूट पर चलने वाली बुलेट ट्रेन में कई ख़ासियत भी होगी जो भारत के इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनाने वाला है.
508 किलोमीटर की दूरी बुलेट ट्रेन से सिर्फ दो घंटे सात मिनट में पूरा होगा. इस रूट पर बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरुच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती 12 स्टेशन बनाए जाने हैं. भारत के पहले बुलेट ट्रेन की औसत स्पीड 320 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी और यह अधिकतम 350 किलोमीटर प्रतिघंटा के स्पीड से दौड़गी. इस रूट पर 468 किलोमीटर लंबा ट्रैक एलिवेडेट होगा, 27 किलोमीटर सुरंग के अंदर और बाक़ी 13 किलोमीटर ज़मीन पर.

दुनिया में पहली बार 10 कार वाली ट्रेन इसी रूट पर ही दौड़ेगी. इस ट्रेन में 750 लोगों के बैठने की क्षमता होगी. भविष्य में इसे 16 कार इंजन वाली बुलेट ट्रेन में बदलने की योजना बनाई गई है. 16 कार इंजन वाली बुलेट ट्रेन में 1200 लोगों के बैठने की क्षमता होगी. जापानी एजेंसी ज़ाइका के मुताबिक शुरुआत के दिनों में हर दिन 36,000 लोग बुलेट ट्रेन में सफर करेंगे और 30 साल साल बाद इसमें सफर करने वालों की तादाद रोजाना 1,86,000 तक पहुंचने की संभावना है.

शुरुआत में इस रुट पर हर दिन एक दिशा में 35 ट्रेनें चलेंगी. जाहिर सी बात है जब बुलेट ट्रेन से समय की इतनी बचत होगी तो इसके सफर के लिए जेब भी थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी. इसलिए इसका किराया बाकी रेलों के किराये के मुकाबले महंगा है. ये रेलवे के मौजूदा एसी फर्स्ट क्लास के किराये से भी डेढ़ गुना ज्यादा हो सकता है.

ये भी पढ़ें-
बुलेट ट्रेन का काम शुरू, समुद्र के नीचे चलेगी पहली ट्रेन
भूल जाओगे बुलेट ट्रेन को, भारत में चलेगी उससे भी तीन गुना तेज ट्रेन!
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज