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मुंबई पुलिस के बुलेट प्रूफ जैकेट हुए फेल, पार हुई AK-47 की गोलियां

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Updated: February 9, 2018, 6:04 AM IST
मुंबई पुलिस के बुलेट प्रूफ जैकेट हुए फेल, पार हुई AK-47 की गोलियां
मुंबई पुलिस के बुलेट प्रूफ जैकेट हुए फेल, पार हुई AK-47 की गोलियां (प्रतीकात्मक तस्वीर)

महज 4,600 जैकेटें आई, लेकिन उसमें से 1430 ऐसी निकलीं, जिसको AK-47 की गोलियों ने छलनी कर दिया.

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  • Last Updated: February 9, 2018, 6:04 AM IST
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दिवाकर सिंह

मुंबई पुलिस की सजगता से मुम्बईकर खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं. मुंबई पुलिस के जवान जान की परवाह किए बिना खतरनाक अपराधियों और किसी भी तरह के आतंकी हमले से निपटने को तैयार रहते हैं, लेकिन अब खुद उनकी सुरक्षा पर ही सवालिया निशान लगने लगे हैं. ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद पुलिस वालों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिन 5,000 बुलेट प्रूफ जैकेटों को बनाने का आदेश सरकार की तरफ से दिया गया था. महज 4,600 जैकेटें आई, लेकिन उसमें से 1430 ऐसी निकलीं, जिसको ए के 47 की गोलियों ने छलनी कर दिया.

महाराष्ट्र वित्त मंत्रालय को घटना की खबर नहीं
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये जैकेटें तीन खेप में आई थीं और सभी का परीक्षण किया गया. जिसमें से 1430 जैकेटें फेल साबित हुईं. इस मामले के सामने आने के बाद राज्य सरकार का रवैया बेहद ही चौकाने वाला है और ऐसा लगता है कि उन्हें पुलिसवालों के जान की परवाह ही नहीं है. महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार का ने कहा कि इस मामले में अभी तक उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है.शिकायत आने के बाद कार्रवाई की जाएगी.

उठते रहे हैं जैकेट की गुणवत्ता पर सवाल
बता दें 2008 में हुए आतंकी हमलों में एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे की शहादत के बाद बुलेट प्रूफ जैकेटों की गुणवत्ता पर एक बहुत बड़ा विवाद शुरू हो गया था. एक रिपोर्ट में यह भी बात सामने आई कि करकरे ने जो बुलेट प्र्रोफ जैकेट पहनी थी, वह सालों पुरानी थी और घटिया स्तर की थी. इससे सबक लेते हुए सरकार ने करीब 9 साल बाद 2017 में कानपुर की एक कंपनी को 5000 उच्च दर्जे की बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने की एवज में 17 करोड़ का भुगतान किया था. इसके बाद कंपनी ने महाराष्ट्र पुलिस को 4,600 जैकेटों की आपूर्ति की थी, जिसकी जांच चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में की गई.

इस परीक्षण में सिर्फ 3,000 जैकेटें ही पास हो सकीं. एक अधिकारी के मुताबिक हमने निर्माता को नए माल से 1,430 जैकेटों को बदल देने को कहा है. बुलेट प्रूफ जैकेटों की गुणवत्ता और मानकों के साथ कोई समझौता नहीं होगा. उधर विपक्ष ने इस मामले पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है.
विपक्ष का दावा, सरकार को जवानों की नहीं परवाह

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे जवानों के जान की कोई परवाह नहीं है.पूरे मामले की जांच होनी चाहिए. बहरहाल पक्ष और विपक्ष को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर राजनीत करने के बजाय इसे गंभीरता से लें, क्योंकि ये हमारी सुरक्षा में तैनात पुलिस जवानों की जान की सुरक्षा का मामला है. इन्ही जवानों की मुस्तैदी के चलते हम चैन की सांस ले पाते हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने के बजाय उन्हें उच्च दर्जे का और आधुनिक सुरक्षा कवच देना चाहिए.

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First published: February 9, 2018, 5:09 AM IST
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