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पढ़ें शाहबानो के लिए लड़ने वाले पूर्व मंत्री आरिफ मोहम्मद खान बुर्के पर चुप क्यों!

नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: May 3, 2019, 4:05 PM IST
पढ़ें शाहबानो के लिए लड़ने वाले पूर्व मंत्री आरिफ मोहम्मद खान बुर्के पर चुप क्यों!
फाइल फोटो- पूर्व मंत्री आरिफ मोहम्मद खान.

शाहबानो केस पर अपनी ही सरकार के खिलाफ लड़ने वाले आरिफ मोहम्मद खान किसी परिचय के मोहताज नहीं है. आरिफ मोहम्मद उस समय मुस्लिमों के युवा नेता हुआ करते थे. सरकार में गृह राज्यमंत्री भी थे.

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कांग्रेस के शासन काल में कई महत्वपूर्ण विभागों में मंत्री रहे और शाहबानो केस पर अपनी ही सरकार के खिलाफ लड़ने वाले आरिफ मोहम्मद खान किसी परिचय के मोहताज नहीं है. सभी लोग जानते हैं कि आरिफ मोहम्मद उस समय मुस्लिमों के युवा नेता हुआ करते थे. सरकार में गृह राज्यमंत्री भी थे.

लेकिन जब बात शाहबानो की आई तो आरिफ मोहम्मद अपनी ही सरकार के खिलाफ जाकर कोर्ट के पक्ष में खड़े हो गए. मामला तलाक और बहु विवाह से जुड़ा हुआ था. डॉ. बीआर आंबेडकर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद अरशद बताते हैं, “जब आरिफ मोहम्मद खान लोकसभा में शाहबानो के लिए बोल रहे थे तो वह भावनाओं में बहकर एक सताई गई पीड़ित औरत के पक्ष में दिया जा रहा सिर्फ भाषण नहीं था. विधेयक के विरोध में 23 अगस्त 1985 को तथ्यों और तर्कों पर आधारित पढ़ा गया बौद्धिक विचारों का एक पन्ना था.

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इतना ही नहीं बात जब तीन तलाक की चली तो उस पर भी आरिफ मोहम्मद खान खुलकर कर बोले. उन्होंने ट्रिपल तलाक पर दलील देते हुए कहा कि कुरान में ट्रिपल तलाक की प्रक्रिया साफ-साफ लिखी हुई है. एक साथ तीन तलाक बोलना इस्लाम के किसी भी स्कूल में मान्य नहीं है. ये प्री-इस्लामिक प्रैक्टिस प्रथा है.

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उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक औरतों को ज़मीन में दफनाने में जैसा है. ट्रिपल तलाक इस्लाम का मूल तत्व नहीं है. कोई भी कानून जो अमानवीय है, वह इस्लामिक नहीं हो सकता. हालांकि ये बात अलग है कि उनके इस बयान के लिए उन पर बीजेपी का टैग भी लगाया गया.

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ऐसा ही एक मौके पर उन्होंने भारत के आम मुसलमानों में अलग-थलग पड़ने की भावना का बिल्कुल भी नहीं होने का दावा करते हुए ने कहा था कि अगर ऐसी कोई भावना है तो वह सिर्फ मुस्लिम समुदाय के एलीट लोगों में है.”

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लेकिन आज बुर्का विवाद पर आरिफ मोहम्मद खान खामोश हैं. पूछने पर भी कहते हैं, “मुझे इस तरह के विवादों में शामिल मत करो. मैं इस पर कुछ नहीं बोलना चाहता. ऐसा लगता है कि देश में और कोई मुद्दे रह ही नहीं गए हैं. मुझे इससे कोई मतलब नहीं की कौन क्या कह रहा है.”

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First published: May 3, 2019, 4:05 PM IST
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