उपचुनाव: BJP पर भारी महागठबंधन, दो लोकसभा और नौ विधानसभा सीटों पर हारीं

उपचुनाव: BJP पर भारी महागठबंधन, दो लोकसभा और नौ विधानसभा सीटों पर हारीं
फाइल फोटो.

बीजेपी के लिए सबसे बुरी खबर उत्‍तर प्रदेश से आई. यहां उसके हाथ से कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीट चली गई.

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देश में 14 सीटों (चार लोकसभा और 10 विधानसभा) पर उपचुनाव और कर्नाटक की एक सीट पर चुनाव के नतीजों में बीजेपी को विपक्षी एकता से तगड़ा नुकसान पहुंचा है. बीजेपी को चार में से दो लोकसभा सीटें गंवानी पड़ी जबकि एक में उसकी और दूसरी पर उसके साथी दल को जीत मिली. महाराष्‍ट्र की भंडारा-गोदिया सीट एनसीपी ने बीजेपी से छीन ली तो यूपी की कैराणा पर राष्‍ट्रीय लोकदल को कामयाबी मिली. बीजेपी ने महाराष्‍ट्र की पालघर और उसके सहयोगी एनपीपीएफ ने नगालैंड सीट को बचा लिया.

वहीं विधानसभा उपचुनावों में बीजेपी को केवल उत्‍तराखंड की थराली सीट पर जीत मिली. कर्नाटक विधानसभा चुनावों की एक सीट का नतीजा भी कांग्रेस के पक्ष में गया. पंजाब में कांग्रेस,बिहार में राजद, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, केरल में माकपा,मेघालय में एनपीपी, उत्‍तर प्रदेश में सपा और झारखंड में जेएमएम को जीत मिली.

बीजेपी के लिए सबसे बुरी खबर उत्‍तर प्रदेश से आई. यहां उसके हाथ से कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीट चली गई. सपा, बसपा, कांग्रेस और रालोद की एकजुटता के आगे बीजेपी नाकाम रही. कुछ ऐसा ही हाल झारखंड में रहा जहां पर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के सामने बीजेपी कमजोर पड़ गई. सीटवार ऐसा रहा उपचुनावों का परिणाम-



विधानसभा उपचुनाव के नतीजे-
बिहार की जोकीहाट सीट: राजद के शाहनवाज आलम ने 41 हजार वोटों के अंतर से जदयू के मुर्शीद आलम को हराया. मुस्लिम बहुल अररिया जिले की जोकीहाट विधानसभा सीट 2015 के चुनाव में जदयू ने जीती थी. इस उपचुनाव की राजद उम्मीदवार के बड़े भाई विधायक सरफराज आलम के इस्तीफे की वजह से जरुरत पैदा हुई. इस उपचुनाव में हार नीतीश कुमार के जदयू के लिए एक झटका है जिसने आज की हार से पहले जोकीहाट में लगातार तीन बार जीत दर्ज की थी.



उत्‍तर प्रदेश की नूरपुर सीट: यहां पर सपा प्रत्याशी नईमुल हसन ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा की अवनी सिंह को 5662 मतों से शिकस्त दी. हसन को 94875 जबकि अवनी को 89213 वोट मिले. नूरपुर में भाजपा विधायक लोकेन्द्र सिंह चौहान की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के कारण उपचुनाव हुआ.



पश्चिम बंगाल की महेशतला सीट: उप-चुनाव में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार दुलाल दास विजयी रहे. दास ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के उम्मीदवार सुजीत घोष को 62,765 वोटों से हराया. दास को 104,818 वोट जबकि भाजपा के घोष को 42053 वोट मिले. जबकि वाम मोर्चा के उम्मीदवार प्रभात चौधरी, जिन्हें कांग्रेस का भी समर्थन प्राप्त था, को 30,384 वोट मिले.

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उत्‍तराखंड की थराली सीट: यहां पर बीजेपी की मुन्नी देवी शाह ने कांग्रेस के जीतराम शाह को 1981 मतों से हराकर पार्टी का कब्जा बरकरार रखा. मुन्नी को कुल 25737 मत मिले जबकि जीतराम शाह के पक्ष में 23756 वोट पड़े. मुन्नी थराली विधानसभा सीट से विधायक रहे मगनलाल शाह की विधवा हैं जिनका इस साल की शुरूआत में बीमारी के चलते निधन हो गया था.



पंजाब की शाहकोट सीट: पंजाब की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार हरदेव सिंह लाडी ने यहां जीत दर्ज की. उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार नायब सिंह कोहाड़ को 38 हजार 801 मतों से पराजित किया. उपचुनाव में लाडी को 82 हजार 745 वोट मिले जबकि कोहाड़ को 43 हजार 944 वोट मिले. इस सीट को शिअद का गढ़ माना जाता था जहां से नायब सिंह के पिता अजित सिंह कोहाड़ ने पांच बार जीत दर्ज की थी. अजीत सिंह के निधन के बाद यहां चुनाव हुए थे.

झारखंड की सिल्‍ली और गोमिया सीट: झारखंड में झामुमो गोमिया और सिल्ली सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी सीटें बचाने में कामयाब रही है. ये दोनों सीटें झामुमो के दो विधायकों को सजा होने के बाद खाली हुई थी. गोमिया में झामुमो की बबिता देवी ने आज्सू के लंबोदर महतो को कांटे की टक्कर में 1344 मतों से पराजित किया. बीजेपी के माधवलाल सिंह तीसरे स्थान पर पिछड़ गए. वहीं सिल्ली में झामुमो की उम्मीदवार सीमा महतो ने आज्सू के अध्यक्ष सुदेश महतो को 13508 मतों से पराजित कर यह सीट झामुमो के पास बरकरार रखी.

केरल की चेंग्‍न्‍नूर सीट: सत्तारूढ़ माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ के उम्मीदवार साजी चेरियन ने कांग्रेस के अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी को 20,956 मतों के भारी अंतर से मात दी. चेरियन को 67,303 मत मिले जबकि कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ उम्मीदवार डी विजयकुमार 46,347 मत ही हासिल कर पाए. वहीं भाजपा उम्मीदवार एस श्रीधरन पिल्लै 35,270 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. जनवरी में माकपा विधायक के के रामचंद्रन नायर के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुआ था।

मेघालय की अंपाती सीट: कांग्रेस प्रत्याशी मिआनी डी शिरा ने यह सीट जीती. इसके साथ ही विपक्षी कांग्रेस मेघालय विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गयी. इस सीट पर मिआनी के पिता मुकुल संगमा के इस्तीफे के बाद उपचुनाव कराया गया था. कांग्रेस प्रत्याशी मिआनी डी शिरा ने 3191 मतों से चुनाव जीत लिया. मिआनी के खाते में जहां 14,259 मत आए वहीं एनपीपी प्रत्याशी क्लेमेंट जी मोमिन को कुल 11,069 वोट मिले.



महाराष्‍ट्र की पालस कोडेगांव सीट: इस सीट पर कांग्रेस के विश्‍वजीत कदम निर्विरोध जीते. कांग्रेस विधायक पतंगराव कदम के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी. शिवसेना ने कांग्रेस को समर्थन दिया था. वहीं बीजेपी ने उम्‍मीदवार ही खड़ा नहीं किया था.

लोकसभा उपचुनावों के नतीजे

उत्‍तर प्रदेश की कैराणा सीट: कैराना लोकसभा उपचुनाव में रालोद उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को 44618 मतों से हराया. तबस्सुम को 481182 और मृगांका को 436564 वोट मिले. कैराना लोकसभा सीट का उपचुनाव भाजपा सांसद हुकुम सिंह के फरवरी में निधन के कारण कराया गया.

महाराष्‍ट्र की पालघर और भंडारा-गोदिया सीट: इन चुनावों में बीजेपी को एक सीट का नुकसान हुआ. भाजपा के राजेंद्र गावित ने शिवसेना के श्रीनिवास वनगा को 29,574 वोटों से हराकर पालघर लोकसभा उपचुनाव जीता. गावित को 2,72,780 वोट मिले जबकि वनगा को 2,43,206 मत प्राप्त हुए. भाजपा सांसद चिंतामन वनगा के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया गया. वहीं भंडारा गोंदिया लोकसभा सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के उम्मीदवार कुकडे मधुकरराव यशवंतराव चुनाव जीतने में कामयाब रहे. मधुकरराव को निकटतम उम्मीदवार बीजेपी के हेमंत पाटले से 48097 वोट अधिक मिले. राव को 442213 और पाटले को 394116 वोट मिले. 2014 के आम चुनाव में भाजपा के नाना पटोले इस सीट से विजयी हुए थे. पटोले द्वारा भाजपा छोड़कर लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराया गया.

नगालैंड लोकसभा सीट: बीजेपी की सहयोगी नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) ने इस सीट पर जीत दर्ज की. एनडीपीपी के उम्मीदवार तोखेहो येपथोमी ने एनपीएफ उम्मीदवार सी अपोक जमीर को उपचुनाव में 1,73,746 मतों से पराजित किया. येपथोपी को 5,94,205 मत मिले जबकि एनपीएफ उम्मीदवार जमीर को 4,20,459 वोट प्राप्त हुए. नेफ्यू रियो के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया जाना आवश्यक हो गया था. रियो ने फरवरी में लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.

कर्नाटक विधानसभा चुनाव
कांग्रेस ने बेंगलुरू शहर में राजराजेश्वरी नगर विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में 25,400 से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की. गठबंधन साझेदार होने के बाद भी कांग्रेस और जेडीएस ने इस सीट पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था. जेडीएस इस मुकाबले में तीसरे स्थान पर रही. कांग्रेस के एन मुनिरत्ना को 1,08,064 वोट मिले जबकि उनके सबसे नजदीकी प्रतिद्वंद्वी और भाजपा उम्मीदवार तुलसीमुनि राजू गौड़ा को 82,572 वोट मिले. इस सीट पर पहले भी कांग्रेस का ही कब्जा था. 12 मई को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव हुए, लेकिन राजराजेश्वरी नगर सीट पर मतदान 28 मई तक के लिए उस वक्त टाल दिया गया था जब वोटर आईडी विवाद पैदा हुआ था.
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