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लता मंगेशकर का जिक्र कर 'टीचर' नरेंद्र मोदी ने छात्रों को दी परीक्षा पर सीख

परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम पहली बार वर्चुअल तरीके से आयोजित किया गया.

परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम पहली बार वर्चुअल तरीके से आयोजित किया गया.

Pariksha Pe Charcha 2021: पीएम ने कहा कि छात्रों को यह बताया जाता है कि पहले वह आसान सवालों को हल करें. उन्होंने कहा कि लेकिन मैं छात्रों से कहना चाहूंगा कि वह पहले कठिन सवालों को हल करें ताकि उनके लिए आगे की राह आसान हो जाए.

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने आज 'परीक्षा पर चर्चा' के दौरान मशहूर गायिका और भारत रत्न लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का जिक्र कर छात्रों को परीक्षा में कठिन सवालों पर टिप्स दिए. उन्होंने कहा कि छात्रों को सबसे पहले मुश्किल सवालों को हल करना चाहिए. ऐसा करने से उनके लिए राह आसान हो जाएगी. उन्होंने कहा कि जब वह सीएम थे तो वह भी पहले मुश्किल चीजों को हल करना पसंद करते थे.

पीएम ने कहा कि छात्रों को यह बताया जाता है कि पहले वह आसान सवालों को हल करें. उन्होंने कहा कि लेकिन मैं छात्रों से कहना चाहूंगा कि वह पहले कठिन सवालों को हल करें ताकि उनके लिए आगे की राह आसान हो जाए. उन्होंने कहा, 'मैं कठिन चीजों को पहले करना पसंद करता हूं. जो जीवन में बहुत सफल हैं, वह हर विषय में पारंगत नहीं होते हैं.'

लता दीदी सबके लिए प्रेरणास्त्रोत हैं
पीएम ने भारत रत्न लता मंगेशकर का जिक्र करते हुए कहा कि आज लता दीदी का नाम पूरी दुनिया में है. लेकिन अगर कोई उन्हें कहे कि वह क्लास में जाकर भूगोल पढ़ाएं तो क्या वह उस विषय पर अधिकार के साथ ऐसा कर पाएंगी? हो सकता है कि वह पढ़ा लें लेकिन उसमें उनको महारत नहीं होगी. लेकिन संगीत की दुनिया में वह सबके लिए प्रेरणास्त्रोत हैं.
पीएम मोदी ने बताया परीक्षा का मतलब


परीक्षा पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'हमारे यहां परीक्षा के लिए एक शब्द है-कसौटी. मतलब, खुद को कसना है. ऐसा नहीं है कि एग्जाम आखिरी मौका है, बल्कि एग्जाम तो एक प्रकार से एक लंबी जिंदगी जीने के लिए अपने आपको कसने का एक उत्तम अवसर है. एक अवसर है. समस्या तब आती है जब एग्जाम को ही जैसे जीवन के सपनों का अंत मान लेते हैं.जीवन मरण का प्रश्न बना देते हैं.'

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नोदी ने कहा कि दरअसल एग्जाम जीवन को गढ़ने का एक अवसर है. वास्तव में हमें अपने आप को एक कसौटी पर कसने के मौके खोजते ही रहने चाहिए. ताकि हम और बेहतर कर सकें हमें भागना नहीं चाहिए.
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