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किसी की भावनाएं आहत करने वाला नहीं बल्कि राहत देने वाला कानून है CAA: राजनाथ सिंह

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Updated: January 27, 2020, 6:44 PM IST
किसी की भावनाएं आहत करने वाला नहीं बल्कि राहत देने वाला कानून है CAA: राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने कहा सीएए किसी भी धर्म की भावनाएं आहत करने वाला कानून नहीं है.

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) ने नेहरू से हिंदुओं, सिखों जैसे अल्पसंख्यकों के भारत आने पर उन्हें नागरिकता देने को कहा था, प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने उसी सोच को पूरा किया.

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मेंगलुरु. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सोमवार को कर्नाटक (Karnataka) के मेंगलुरु (Mangluru) में सीएए-एनआरसी (CAA-NRC) को लेकर बयान दिया. रक्षा मंत्री ने कहा कि एनआरसी पर मैं कहना चाहता हूं, क्या किसी देश को यह नहीं पता होना चाहिए कि देश में कितने स्वदेशी हैं, कितने विदेशी हैं? एनआरसी अगर आ भी जाता है तो क्या परेशानी है?

राजनाथ सिंह ने सीएए को लेकर कहा कि ये कानून किसी भी धर्म की भावनाएं आहत करने वाला नहीं है बल्कि धार्मिक प्रताड़ना से दुखी लोगों को राहत देने वाला है.

प्रधानमंत्री ने गांधी-नेहरू की सोच को पूरा किया
राजनाथ सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) ने नेहरू से हिंदुओं, सिखों जैसे अल्पसंख्यकों के भारत आने पर उन्हें नागरिकता देने को कहा था, प्रधानमंत्री मोदी ने उसी सोच को पूरा किया. राजनाथ सिंह ने कुछ राज्यों के इसे लागू करने से इनकार करने पर कहा कि संशोधित नागरिकता कानून एक केंद्रीय कानून है और सभी को उसका पालन करना चाहिए. सीएए की आलोचना करने पर राजनाथ सिंह ने कहा कांग्रेस को राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य बस इसलिए नहीं भूल जाना चाहिए कि वह विपक्ष में है.

वहीं कश्मीर मामले पर राजनाथ सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद पाकिस्तान अब कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कश्मीरी पंडितों को कश्मीर वापस जाने से कोई ताकत नहीं रोक सकती.

देश भर में हो रहे हैं विरोध प्रदर्शन
बता दें कि सीएए और एनआरसी को लेकर काफी लंबे समय से देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. देश भर में इस कानून के खिलाफ अलग-अलग तरीकों से प्रदर्शन हो रहे हैं. कहीं पर विरोध की कमान महिलाओं ने संभाली हुई है तो कहीं लोग पोस्टर-बैनरों पर कविताएं और शेरो-शायरी लिखकर प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि कुछ राज्यों में ये विरोध प्रदर्शन हिंसक भी हुए जहां पुलिस बल द्वारा हालातों को काबू करना पड़ा.बंगाल में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास
वहीं विपक्ष भी इस कानून का विरोध कर रहा है. इसी क्रम में पश्चिम बंगाल विधानसभा ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ सोमवार को राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को पारित कर दिया जिसमें इस कानून को तत्काल निरस्त करने और एनपीआर तथा प्रस्तावित एनआरसी को वापस लेने की मांग की गई.

प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून संविधान और मानवता के खिलाफ है. प्रस्ताव का विपक्षी दलों कांग्रेस और माकपा नीत वाम मोर्चा दोनों ने समर्थन किया. भाजपा विधायक दल ने प्रस्ताव का विरोध किया और सीएए के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया.

केरल, राजस्थान और पंजाब-- नये नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पहले ही पारित कर चुके हैं.

(भाषा के इनपुट के साथ)

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First published: January 27, 2020, 6:44 PM IST
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