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बीजेपी को रोकने के लिए मुस्लिम भाइयों की अपील पर शिवसेना के साथ बनाई सरकार- अशोक चव्हाण

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Updated: January 20, 2020, 12:00 PM IST
बीजेपी को रोकने के लिए मुस्लिम भाइयों की अपील पर शिवसेना के साथ बनाई सरकार- अशोक चव्हाण
अशोक चव्हाण ने कहा कि 'सरकार में हम बीजेपी को हटाने के लिए शामिल हुए हैं.' (फाइल)

महाराष्ट्र विकास अघाडी सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने साथ ही कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA 2019) कानून राज्य में लागू नहीं होगा.

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  • Last Updated: January 20, 2020, 12:00 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र (Mahrashtra) सरकार में मंत्री और राज्य की पिछली कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री रहे अशोक चव्हाण (Ashok Chavan) ने संशोधित नागरिकता कानून को राज्य में लागू नहीं करने की बात कही है. उन्होंने कहा है कि 'जब तक हमारी सरकार है तब तक राज्य में CAA 2019  लागू नहीं होने देंगे.'

चव्हाण ने इसके साथ ही कहा कि 'सरकार में हम बीजेपी को हटाने के लिए शामिल हुए हैं.' चव्हाण ने अपने बयान से इशारों में कहा कि वह मुस्लिमों भाइयों की अपील पर सरकार में शामिल हुए. उन्होंने कहा, 'हमारे तमाम मुस्लिम भाइयों ने कहा बीजेपी हमारी दुश्मन है. अगर बीजेपी को रोकना है तो कांग्रेस को सरकार में शामिल होना चाहिए.'

इससे पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और राज्य में कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट (Balasaheb Thorat) ने सीएए को लेकर कहा था कि 'हमारी भूमिका स्पष्ट है, हम सीएए को महाराष्ट्र में लागू नहीं करेंगे.' उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का साझा बयान जारी होगा.' थोराट ने कहा कि 'अदालत का फैसला आने तक हम इंतजार करें.'

महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने भी किया विरोध

वहीं महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने कहा था कि केंद्र सरकार कानून जरूर बना सकती है, लेकिन उसे लागू करने का जिम्मा पूरी तरह राज्य सरकार के पास होता है. देशमुख ने कहा, 'महाराष्ट्र में हमारी सरकार है और केंद्र सरकार कानून जरूर बना सकती है लेकिन इसे लागू करना या नहीं करना राज्य सरकार के हाथ में होता है.'

महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रस पार्टी और कांग्रेस शामिल हैं .गृह मंत्री देशमुख ने कहा था कि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी जैसे नेताओं ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर जैसे विभाजनकारी कदमों का संसद में विरोध किया था. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र देश में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विभाजन पैदा करने के लिए ऐसे कानून ला रहा है.

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First published: January 20, 2020, 10:21 AM IST
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