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45 साल पहले शुरू हुई बांध परियोजना को अब मोदी सरकार करेगी पूरा

विक्रांत यादव | News18India.com
Updated: August 16, 2017, 8:21 PM IST
45 साल पहले शुरू हुई बांध परियोजना को अब मोदी सरकार करेगी पूरा
(File Photo)

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने झारखंड और बिहार में उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना के बकाया काम को तीन साल में पूरा करने के लिए 1622 करोड़ रुपए मंजूर किए.

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क्या आप यकीन करेंगे कि साल 1972 में सरकारी परियोजना की शुरुआत हो, 21 साल तक काम चलता रहे और 780 करोड़ रुपए खर्च होने के बाद उसे रोक दिया जाए. लेकिन देश में ऐसा हुआ है. अब ऐसी ही एक परियोजना को अगले तीन सालों में पूरा करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को मंजूरी दी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को झारखंड और बिहार में उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना के बकाया काम को तीन साल में पूरा करने के लिए 1622 करोड़ रुपए मंजूर किए. मंत्रिमंडल ने बांध के जलस्तर को पहले के मुकाबले सीमित करने का भी फैसला लिया है. इससे बांध के डूब क्षेत्र में आए बेतला राष्ट्रीय उद्यान और पलामू टाइगर रिजर्व को भी बचाया जा सकेगा.

यह परियोजना सोन नदी की सहायक उत्तरी कोयल नदी पर स्थित है. बाद में ये नदी गंगा में जाकर मिलती है. उत्तरी कोयल जलाशय झारखंड राज्य में पलामू और गढ़वा जिलों के बेहद पिछड़े जनजातीय इलाकों में है. इसका निर्माण कार्य साल 1972 में शुरू हुआ. 21 साल तक इसका काम चलता रहा और 1983 में बिहार सरकार के वन विभाग ने इसे रुकवा दिया. तभी से बांध का निर्माण कार्य ठप पड़ा था.

इस पर करीब 770 करोड़ रुपए खर्च भी हो चुके थे. पहले इस परियोजना में 819 मीटर लंबे बैराज और सिंचाई के लिए दो नहरें बनाई जानी थी. लेकिन अब बांध की ऊंचाई घटाकर 341 मीटर कर दी गई है. इससे जल संग्रहण की क्षमता करीब 190 एमसीएम होगी.

केंद्रीय कानून मंत्री और बिहार से बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि परियोजना के पूरा होने पर झारखंड के पलामू और गढ़वा जिलों के साथ-साथ बिहार के औरंगाबाद और गया जिलों के सबसे पिछड़े और सूखे की आशंका वाले इलाकों में काफी बड़ी जगह पर सिंचाई की व्यवस्था की जा सकेगी.

1972 में शुरू हुई ये परियोजना अब करीब 45 साल बाद दोबारा से परवान चढ़ने की ओर है. परियोजना की कुल लागत 2391 करोड़ रुपए आंकी गई है. अगले तीन वित्तीय वर्षों में करीब 1622 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बाकि बचे कार्यों को पूरा किया जाएगा.

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले काफी सालों से लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सभी मंत्रालयों को निर्देश जारी किया है. 15 अगस्त को लालकिला से अपने भाषण में भी उन्होंने रेलवे की ऐसी ही लंबित परियोजना का जिक्र भी किया था.

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First published: August 16, 2017, 8:21 PM IST
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